एसीबी में ट्रेस और गिरफ्तारी के बावजूद रिश्वतखोरी से बाज नही आ रहे खादी ग्रामोद्योग के सहायक संचालक, आपरेटर से नौकरी में रहने के लिए मांगे 1 लाख

मुंगेली:मुंगेली के खादी ग्रामोद्योग के सहायक संचालक नीतिल सिंह बैस के ऊपर पूर्व में कार्यरत आपरेटर वीरेंद्र जायसवाल ने नौकरी में बने रहने को लेकर 1 लाख रुपये के रिश्वत मांगने का आरोप लगाते हुए मामले की लिखित शिकायत मुंगेली कलेक्टर से की गई है साथ ही ऑपरेटर और सहायक संचालक द्वारा लेनदेन का ऑडियो क्लिप भी कलेक्टर को सौंपा गया है।

जिसपर मुंगेली कलेक्टर अजित वसन्त ने सम्बंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए जवाब उपरांत कार्रवाई की बात कही है।

पूरा मामला खादी ग्रामोद्योग का जहा विभाग में आपरेटर की सेवा दे रहे वीरेंद्र जायसवाल को नौकरी से खादी ग्रामोद्योग के सहायक संचालक नीतिल सिंह बैस ने मौखिक तौर पर निकाल दिया है।

जिसके बाद प्रार्थी ने सहायक संचालक के द्वारा नौकरी में बने रहने को लेकर 1 लाख रुपये की मांग की गई दी राशि न देने से उन्हें कार्य से निकाल देने का आरोप लगाया है।

इस मामले में ऑपरेटर और सहायक संचालक द्वारा पैसे के लेनदेन को लेकर हुए बातचीत का ऑडियो अब वायरल भी हो रहा है…जिसमे साफतौर में अधिकारी द्वारा नौकरी में बने रहने के लिए 1 लाख रुपये की डिमांड की जा रही है साथ मे इस मामले में बड़े अधिकारियों तक राशि पहुचाने का जिक्र किया गया है…साथ ही विभाग में सब्सिडी राशि देने के एवज में एक पीड़ित हितग्राही से भी 10 हजार की राशि की मांग की गई थी जिसकी लिखित शिकायत भी हुई थी मगर किसी तरह की कार्रवाई नही की गई पीड़ित हितग्राही ने बताया की 2018 में उसने विभाग से लोन लिया था जिसमे 2020-21 वाले हितग्राही का सब्सिडी राशि जारी कर दिया गया लेकिन उसका अब तक नही किया गया क्योंकि उन्होंने इसके लिए डिमांड की गई राशि देने में असमर्थता जाहिर की है।

हैरानी कि बात तो यह है कि इससे पहले भी कोंडागांव में पदस्थ रहते हुए इस अधिकारी को भ्रष्टाचार के मामले में 5 हजार की रिश्वत लेते ACB ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया था जिसका मामला फिलहाल लम्बित है…वही इस मामले में खादी ग्रामोद्योग के सहायक संचालक ने बताया कि उनके ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद है।

आडियो को काटछांट किया गया है एसीबी का केस फिलहाल लम्बित है..करप्शन के कई मामले में लिप्त अधिकारी के ऊपर कार्रवाई न होना विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े करता है बहरहाल मामले में मुंगेली कलेक्टर ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है जिसके बात कयास यह लगाई जा रही है कि जवाब उपरांत एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिल सकती है।

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