शादी का झांसा देकर नाबालिग से शारीरिक शोषण ,10 वर्ष की कैद

मामले की पैरवी अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक गिरिराज शर्मा ने की।

विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) ने सुनाया फैसला, अर्थदण्ड से भी किया दण्डित।

मुंगेली। नाबालिग पीड़िता से शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाले आरोपी को विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) पीएसमरकाम ने धारा 376 एवं धारा 6 पाक्सो एक्ट के आरोप में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 3 हजार रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर आरोपी को 3 माह का अतिरिक्तसाधारण कारावास की सजा दी गई। मामले की पैरवी अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक गिरिराज शर्मा ने की।

विशेष लोक अभियोजक (पाक्सो) गिरिराज शर्मा से मिली जानकारी के अनुसार घटना ग्राम सेमरचुवा के अवयस्क पीड़िता जिसके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी है। वर्ष 2016 में उसे सेमरचुवा निवासी आरोपी प्रमोद मण्डावी पिता सीताराम मण्डावी द्वारा पीड़िता से शादी करूंगा कहकर उससे कई बार शारीरिक संबंध स्थापित किया। वर्ष 2020 में विवाह के लिए सगाई भी किया और बाद में आरोपी ने उसके साथ विवाह करने से इंकार कर दिया. उक्त घटना की लिखित रिपोर्ट पीड़िता ने थाना जरहागांव में आरोपी प्रमोद मण्डावी के विरूद्ध धारा 376 भादस एवं 4-6 लैंगिक अपराधों से बालको का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना पूर्ण कर आरोपी के विरूद्ध अभियोग पत्र विशेष न्यायालय (पाक्सो) में पेश किया गया। विशेष न्यायालय में अभियोजक द्वारा 8 गवाहों का परीक्षण कराया गया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) पी एस मरकाम ने अपने निर्णय में कहा कि आरोपी जिस तरह से अवयस्क पीड़िता के साथ विवाह का प्रलोभन देकर उसकी सहमति से कई बार शारीरिक शोषण किया एवं बाद में विवाह करने से इंकार कर दिया। इससे नाबालिग को उसकी नैसर्गिक जीवन जीने की इच्छा पर गहरा आघात पहुंचाया गया है। सर्वोच्च न्यायालय के न्याय दृष्टांत अनुसार अवयस्क पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध के लिए सहमति नहीं दी जा सकती।आरोपी अवयस्क पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध उसकी सहमति से किए जाने से भी आरोपी को दोषी ठहराया गया। आरोपी को धारा 376 एवं धारा 6 पाक्सो एक्ट के आरोप में 10 वर्ष सश्रम कारावास एवं 3 हजार रूपए अर्थदण्ड से दण्डित किया गया. अर्थदण्ड की राशि अदा नही करने पर आरोपी को 3 माह का अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगताई जावेगी। मामले की पैरवी अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक गिरिराज शर्मा ने की।

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