लोरमी: जनजाति सुरक्षा मंच मुंगेली के द्वारा 19 मई को लोरमी मे डि- लिस्टिंग विषय पर जनसभा आयोजन के लिये तैयारियां चल रही हैं । जनसभा के उपरांत राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के नाम से एसडीएम को ज्ञापन दिया जायेगा । जनजागरूकता मे लगे सामाजिक कार्यकताओं के अनुसार जनजाति समुदाय के गांव – गाँव ,घर – घर से अब डि – लिस्टिंग कानून बनाने की मांग जोरों से तुल पकड रहीं हैं ।
जनजाति सुरक्षा मंच के जिला संयोजक जगसिंग ने बताया कि जो व्यक्ति जनजाति समुदाय से धर्मातंरित होकर ईसाई एवं मुस्लिम बन चुके हैं उन्हें आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए । अमर सिंह धुर्वे ने कहा कि अनेक समस्याओं का एक ही हल डि- लिस्टिंग है जिसे कानुन पारित कराकर ही रहेंगे । डोमर सिंह बैगा ने कहा कि हम आदिवासियों को हमारे विशिष्ट पुजा पद्दति को मानने एवं संरक्षित करने के लिये संविधान से आरक्षण मिला है लेकिन कुछ लोग भ्रमित या प्रलोभन मे आकर धर्मातंरित होकर हमारे पुजा पद्धति को नहीं मानते ,ऐसा लोगों को आरक्षण का लाभ नहीं मिलना चाहिए ।

दिनेश धुर्वे ने कहा कि जनजाति समाज को संरक्षित एवं विकास करने के लिए पेसा एक्ट, फारेस्ट राईट, सरकारी सेवा मे आरक्षण , निर्वाचन मे आरक्षण जैसे ईत्यादि सुविधाएं दी गई है लेकिन इसका ज्यादातर लाभ धर्मातंरित लोग ही ले रहे हैं जो विधि संगत नहीं हैं । डि- लिस्टीग कानून के लिए समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा हैं ।