अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के तीसरे दिन उमड़ा जनसैलाब, योग और राजयोग का मिला संदेश

बिलासपुर। ब्रह्माकुमारीज़ ओम शांति सरोवर, उसलापुर (मुंगेली रोड) बिलासपुर में आयोजित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव के तीसरे दिन वरिष्ठ नागरिकों, युवाओं और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारीज़ मुख्यालय माउंट आबू से पधारी वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका एवं फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. बीके मनीषा बहन ने विभिन्न योगासन, प्राणायाम और स्वास्थ्यवर्धक व्यायामों का अभ्यास कराते हुए उनके लाभों की जानकारी दी।

उन्होंने प्रतिभागियों को ताड़ासन, वज्रासन, भद्रासन, मंडूकासन, शशांकासन, सेतुबंधासन, अर्ध उष्ट्रासन, त्रिकोणासन, अर्ध चक्रासन और शवासन का अभ्यास कराया। डॉ. मनीषा बहन ने बताया कि मंडूकासन मधुमेह नियंत्रण में सहायक है, सेतुबंधासन रीढ़ को लचीला बनाकर हृदय और फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाता है, जबकि अर्ध उष्ट्रासन श्वसन क्षमता बढ़ाने के साथ शरीर के तनाव को कम करने में मदद करता है। उन्होंने नाड़ीशोधन प्राणायाम का अभ्यास भी कराया।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को स्वस्थ रखने का माध्यम नहीं, बल्कि तन, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान है। नियमित योग, प्राणायाम और सकारात्मक चिंतन को जीवन का हिस्सा बनाकर अनेक शारीरिक और मानसिक रोगों से बचा जा सकता है।

कार्यक्रम में उसलापुर सेवाकेंद्र की मुख्य संचालिका बीके छाया दीदी ने राजयोग मेडिटेशन का महत्व बताते हुए कहा कि आज अधिकांश लोग मानसिक तनाव, चिंता और असंतोष से जूझ रहे हैं। ऐसे में केवल शारीरिक योग ही नहीं, बल्कि मन का योग अर्थात राजयोग भी आवश्यक है। राजयोग मनुष्य को अपने विचारों और भावनाओं का स्वामी बनना सिखाता है तथा परमात्मा से जुड़कर शांति, शक्ति और आनंद का अनुभव कराता है।

बीके छाया दीदी ने उपस्थित सभी भाई-बहनों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया, जिससे सभी ने गहन शांति, सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक एकाग्रता का अनुभव किया।

कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने स्वस्थ, संतुलित और तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित यह चार दिवसीय योग महोत्सव 21 जून को प्रातः 7 बजे से 8 बजे तक आयोजित होगा।

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