सिंधी महापंचायत ने की राज्यसभा में सिंधी समुदाय से प्रतिनिधित्व देने की मांग, सोनिया गांधी और सीएम भूपेश बघेल को लिखा पत्र

रायपुर: छत्तीसगढ़ में राज्यसभा Rajya Sabha elections की दो सीटों पर 10 जून को होने वाले चुनाव में प्रदेश के सिंधी समाज व सिंधी पंचायत एवं मुखी पंचायत प्रमुखों ने कांग्रेस से राज्यसभा में demand for representation from Sindhi community सिंधी समाज से एक प्रतिनिधितत्व देने की मांग की है। इसके लिए कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र भी लिखा है। बता दें कि ये सीटें कांग्रेस की छाया वर्मा और भाजपा के रामविचार नेताम के रिटायर होने पर खाली होगी।

समाज प्रमुखों ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में सिंधी समाज के लोग बड़ी संख्या में हैं। पहले वे कांग्रेस के साथ थे, लेकिन पार्टी ने पार्टी ने पर्याप्त महत्व नहीं दिया। समाज प्रमुखों ने कहा है कि डेढ़ साल बाद फिर से विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसके पहले कांग्रेस को सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व देने का एक अच्छा मौका भी है। इस बार दोनों सदस्य कांग्रेस के ही चुने जाएंगे।

ऐसे में अगर सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व दिया जाता है तो आने वाले विधानसभा चुनाव में इसका बहुत बड़ा असर देखने को मिलेगा। बिलासपुर दुर्ग , राजनांदगांव, धमतरी, भाटापारा, तिल्दा में तो बड़ी संख्या में समाज के लोग निवासरत हैं। इन विधान सभाओं में समाज के इतने सारे वोट हैं कि चुनाव में हार-जीत का स्वरूप ही बदल सकते हैं।

वहीं बिलासपुर में आयोजित एक सामाजिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय सिंधी महापंचायत के राष्ट्रीय महामंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेसी अमर बजाज भी राज्यसभा में सिंधी समाज को प्रतिनिधित्व देने की वकालत कर चुके हैं। बजाज ने सोनिया गांधी और भूपेश बघेल को भेजे गए पत्र में यह भी लिखा है कि छत्तीसगढ़ में सिंधी समाज की अकादमी नहीं बन पाई है और ना ही छत्तीसगढ़ राज्य निगम मंडलों संगठनों शासन प्रशासन में कहीं कोई भागीदारी सिंधी समाज को मिली है।ऐसे में राज्यसभा की एक सीट सिंधी समाज को दिया जाना समाज व पार्टी के हित में होगा।

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