पत्रकारिता की आड़ में कथित ब्लैकमेलिंग और अवैध गतिविधियों पर रोक की मांग

मुंगेली प्रेस क्लब ने एडीएम व एडिशनल एसपी को सौंपे तीन ज्ञापन, मुख्यमंत्री के नाम भी रखी मांग

मुंगेली। जिले में पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया की आड़ में कथित रूप से अवैध अतिक्रमण, वसूली तथा अन्य गतिविधियों में संलिप्त लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर मुंगेली प्रेस क्लब के बैनर तले पत्रकारों ने प्रशासन और पुलिस के समक्ष अपनी शिकायतें रखीं। प्रेस क्लब अध्यक्ष अनिल सोनी के संयोजन में पत्रकारों के प्रतिनिधिमंडल ने जिले के प्रमुख प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को तीन अलग-अलग ज्ञापन सौंपे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नाम पहला ज्ञापन एडीएम निष्ठा पाण्डेय तिवारी को सौंपा गया। इसमें पत्रकारिता के क्षेत्र में प्रवेश के लिए न्यूनतम शैक्षणिक एवं व्यावसायिक योग्यता निर्धारित करने की मांग की गई। पत्रकारों का कहना है कि वर्तमान में पत्रकारिता से जुड़ने के लिए कोई स्पष्ट न्यूनतम योग्यता अथवा एक समान सत्यापन व्यवस्था नहीं होने के कारण कई बार ऐसे लोग भी मीडिया से जुड़ जाते हैं, जिनके व्यवहार और कार्यप्रणाली से पत्रकारिता की विश्वसनीयता प्रभावित होती है।

ज्ञापन में कहा गया कि कुछ लोग डिजिटल अथवा अन्य संचार माध्यमों से जुड़कर अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों से अनावश्यक एवं आधारहीन सवाल-जवाब कर पत्रकारिता की गरिमा को प्रभावित करते हैं। ऐसे मामलों से कार्यरत एवं योग्य पत्रकारों की प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल असर पड़ता है। इसलिए पत्रकारिता से जुड़ने के लिए न्यूनतम योग्यता एवं आवश्यक मानदंड निर्धारित किए जाने की मांग की गई।

  • जनसंपर्क विभाग की पत्रकार सूची के सत्यापन की मांग

एडीएम को सौंपे गए दूसरे ज्ञापन में जिले के जनसंपर्क विभाग की पत्रकार सूची का सत्यापन और पुलिस वेरिफिकेशन कराने की मांग की गई। पत्रकारों ने नए नामों को सूची में शामिल करने के लिए स्पष्ट नियम बनाने तथा आवश्यकता पड़ने पर चयन समिति गठित कर उसकी अनुशंसा के आधार पर ही पत्रकारों को सूचीबद्ध करने का सुझाव दिया।

ज्ञापन में यह भी कहा गया कि पत्रकारों की पहचान और संस्थान से संबद्धता का समय-समय पर सत्यापन होने से वास्तविक पत्रकारों की पहचान सुनिश्चित होगी तथा मीडिया की आड़ में अनुचित गतिविधियों में शामिल लोगों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा।

  • कथित ब्लैकमेलिंग और आधारहीन आरोपों पर कार्रवाई की मांग

तीसरा ज्ञापन वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के नाम एडिशनल एसपी प्रशांत शुक्ला को सौंपा गया। इसमें कुछ तथाकथित पत्रकारों पर जिले के पत्रकारों और अधिकारियों के खिलाफ आधारहीन आरोप लगाकर उनकी छवि धूमिल करने तथा कथित रूप से दबाव बनाने और ब्लैकमेलिंग करने के आरोप लगाए गए।

पत्रकारों ने मांग की कि शिकायत में बताए गए मामलों की निष्पक्ष जांच कर तथ्य सामने लाए जाएं और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि पत्रकारिता का उद्देश्य जनहित के मुद्दों को सामने लाना और शासन-प्रशासन को जवाबदेह बनाना है, न कि मीडिया की पहचान का इस्तेमाल निजी हित अथवा अनुचित दबाव बनाने के लिए करना।

  • वास्तविक पत्रकारों की पहचान और मीडिया की विश्वसनीयता पर जोर

प्रेस क्लब से जुड़े पत्रकारों ने कहा कि वे पत्रकारिता की स्वतंत्रता के पक्षधर हैं, लेकिन स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी और जवाबदेही भी आवश्यक है। उनका कहना है कि पत्रकारों के सत्यापन, संस्थानों से संबद्धता की पुष्टि और पुलिस सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं से वास्तविक पत्रकारों को पहचान मिलेगी तथा मीडिया की आड़ में कथित रूप से गैरकानूनी गतिविधियां करने वालों पर अंकुश लगाया जा सकेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *