बेलतरा की ध्वजा यात्रा में उमड़ा आस्था का सैलाब, गाँव-गाँव गूँजे माँ महामाया के जयकारे

चौथे दिन नगौई से जलसों तक भक्ति और सामाजिक समरसता का संदेश; खपराखोल में धुरी समाज के सामुदायिक भवन हेतु ₹20 लाख के कार्य का भूमिपूजन, परसदा में मातृशक्ति ने किया भव्य स्वागत

बिलासपुर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकाली जा रही भव्य धार्मिक ध्वजा यात्रा के चौथे दिन श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता का अद्भुत संगम देखने को मिला। माँ वैष्णोदेवी मंदिर नगौई से प्रारंभ हुई यात्रा में माता के जयकारों, पारंपरिक स्वागत और श्रद्धालुओं की भारी सहभागिता ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। गाँव-गाँव में मिल रहे आत्मीय स्वागत के बीच यात्रा सनातन संस्कृति, पारिवारिक संस्कारों और सामाजिक एकजुटता का संदेश लेकर आगे बढ़ती रही।

माँ के दरबार में शीश नवाकर आगे बढ़ी ध्वजा यात्रा

चौथे दिन यात्रा का शुभारंभ ग्राम नगौई स्थित माँ वैष्णोदेवी मंदिर से हुआ। इसके पश्चात माँ महामाया मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया गया। माता की आराधना और जयकारों के साथ यात्रा ग्राम बैमा पहुँची। इसके बाद धुरीपारा, पौसरा, माँ कोशगाई मंदिर, परसदा, सेमरा, सेमरी, भरारी और जलसों सहित विभिन्न पड़ावों पर श्रद्धालुओं का उत्साह देखने को मिला। जगह-जगह माता की ध्वजा का भव्य स्वागत किया गया और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।

खपराखोल में धुरी समाज के सामुदायिक भवन हेतु ₹20 लाख के कार्य का भूमिपूजन

धार्मिक यात्रा के दौरान ग्राम खपराखोल में विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने विधायक निधि से ₹20 लाख की लागत से धुरी समाज के लिए निर्मित होने वाले सामुदायिक भवन का भूमिपूजन किया। इस भवन के निर्माण से समाज के लोगों को सामाजिक, सांस्कृतिक और पारिवारिक आयोजनों के लिए सुविधाजनक स्थान उपलब्ध होगा।

धार्मिक आस्था के साथ विकास कार्य का यह पड़ाव सामाजिक सहभागिता और जनसेवा के संकल्प को भी रेखांकित करता है। यात्रा के दौरान धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़ाव और उनकी आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी सामने आया।

विधायक सुशांत शुक्ला का परिवार भी ध्वजा यात्रा में हुआ शामिल

चौथे दिन की यात्रा में विधायक श्री सुशांत शुक्ला की धर्मपत्नी श्रीमती छाया शुक्ला, बहन श्रीमती श्वेता पांडेय शुक्ला तथा उनके दोनों नन्हे बच्चे भी विशेष रूप से शामिल हुए। परिवार की सहभागिता श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का केंद्र रही।

परिवार की इस सहभागिता ने यात्रा में आत्मीयता का रंग भरने के साथ पारिवारिक संस्कारों और नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति एवं धार्मिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश दिया। परिवार की उपस्थिति ने आयोजन को भावनात्मक और पारिवारिक स्वरूप भी प्रदान किया।

नगौई से परसदा तक स्वागत की गूँज, सैकड़ों मातृशक्ति की भागीदारी बनी आकर्षण

ग्राम नगौई में सरपंच श्रीमती सुचिता सत्येंद्र गड़ेवाल के नेतृत्व में यात्रा का आत्मीय स्वागत किया गया। ग्राम बैमा में सरपंच श्री फत्तेलाल सूर्यवंशी तथा पौसरा में सरपंच श्री प्रहलाद यादव के नेतृत्व में ग्रामीणों ने श्रद्धा और उत्साह के साथ यात्रा का अभिनंदन किया।

ग्राम परसदा में सरपंच श्री अजय टेगवर के नेतृत्व में यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। यहाँ सैकड़ों की संख्या में मातृशक्ति की सहभागिता विशेष आकर्षण रही। माता के जयकारों और ग्रामीणों के उत्साह ने स्वागत को यादगार बना दिया। विभिन्न ग्रामों में मिल रहे स्नेह, सम्मान और सहभागिता ने यात्रा को जनआस्था का व्यापक स्वरूप प्रदान किया।

सेमरताल में रात्रि विश्राम, पाँचवें दिन इन गाँवों से होकर आगे बढ़ेगी यात्रा

चौथे दिन की यात्रा विभिन्न पड़ावों से होते हुए जलसों पहुँची। इसके बाद रात्रि विश्राम सेमरताल में हुआ। पाँचवें दिन यात्रा सेमरताल से प्रारंभ होकर गतौरी, भदोरियाखार, रमतला और कछार सहित निर्धारित पड़ावों से होकर आगे बढ़ेगी।

माँ महामाया की भक्ति, सनातन संस्कृति के गौरव और सामाजिक समरसता के संदेश के साथ आगे बढ़ रही यह ध्वजा यात्रा बेलतरा विधानसभा के विभिन्न ग्रामों को धार्मिक आस्था के सूत्र में जोड़ रही है। श्रद्धालुओं की सहभागिता, मातृशक्ति का उत्साह और गाँव-गाँव में मिल रहा आत्मीय स्वागत यात्रा के प्रत्येक पड़ाव को विशेष बना रहा है।

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