-13 साल के लंबे इंतजार के बाद मिली संतान के साथ कथित लापरवाही से परिवार आक्रोशित, अस्पताल प्रबंधन पर मामले को दबाने की कोशिश का आरोप
बिलासपुर। शहर के भीतर संचालित शिशु भवन अस्पताल में डॉक्टरों एवं नर्सिंग स्टाफ की कथित लापरवाही का गंभीर मामला सामने आया है। परिजनों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती महज पांच-छह दिन के नवजात शिशु की उंगली कट गई। घटना के बाद परिवार में आक्रोश व्याप्त है। वहीं, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर मामले को दबाने तथा मौखिक आश्वासन देकर उन्हें शांत कराने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुचि गुप्ता को 13 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद संतान की प्राप्ति हुई थी। परिवार में बच्चे के जन्म को लेकर खुशियां थीं, लेकिन कुछ ही दिनों के भीतर हुई इस घटना ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में उपचार एवं देखभाल के दौरान हुई कथित लापरवाही के कारण नवजात की उंगली कट गई। इतनी कम उम्र के बच्चे के साथ हुई इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और नवजातों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- मौखिक आश्वासन देकर मामले को शांत कराने का आरोप
परिजनों का आरोप है कि घटना सामने आने के बाद अस्पताल प्रबंधन उन्हें भविष्य में बच्चे की देखरेख, परवरिश और आवश्यक जिम्मेदारियां उठाने का मौखिक आश्वासन दे रहा है। हालांकि, परिवार इस घटना से संतुष्ट नहीं है और मामले की निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई चाहता है।
परिवार का कहना है कि नवजात की सुरक्षा और देखभाल में यदि किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। परिजन इस मामले की शिकायत पुलिस में करने पर विचार कर रहे हैं। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन मामले को सार्वजनिक होने से रोकने और शिकायत की प्रक्रिया को टालने का प्रयास कर रहा है।
- अस्पताल की जवाबदेही पर उठे सवाल
नवजात शिशु की देखभाल में विशेष सावधानी और सतर्कता की आवश्यकता होती है। ऐसे में यदि अस्पताल में भर्ती बच्चे की उंगली कटने जैसी घटना होती है, तो इसकी परिस्थितियों की गंभीरता से जांच किया जाना आवश्यक है। यह पता लगाया जाना चाहिए कि घटना किन परिस्थितियों में हुई, संबंधित समय पर बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी किसकी थी और सुरक्षा संबंधी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया गया था या नहीं।
- डॉ. श्रीकांत गिरी से संपर्क का प्रयास, नहीं मिला जवाब
इस संबंध में अस्पताल के प्रमुख चिकित्सक डॉ. श्रीकांत गिरी से दूरभाष पर संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इस कारण समाचार लिखे जाने तक उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। अस्पताल प्रबंधन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना उचित होगा।
- जांच और कार्रवाई की मांग
घटना के बाद पीड़ित परिवार न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहा है। अब सवाल यह है कि नवजात की उंगली कटने की घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या अस्पताल में देखभाल के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। मामले की निष्पक्ष जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी तथा जिम्मेदारी तय की जा सकेगी।