एसीबी की कार्यवाही के बावजूद पद पर बने रहने के लिए आगामी विधानसभा सत्र में विपक्ष जोरशोर से मुद्दा उठाने की कर रहा तैयारी
रायपुर/बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के अधिकारियों, कर्मचारियों की काली कमाई की जांच के बाद एसीबी के एफआईआर होने के बावजूद अनेक अधिकारियों, कर्मचारियों का उसी पद पर उसी जगह बने रहना सरकार की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा रहा है। या तो एसीबी की जांच एवं एफआईआर के बावजूद गिरफ्तारी,निलंबन, बर्खास्तगी की कार्यवाही नही होने से विपक्ष अब आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे को विधानसभा में लाने की तैयारी कर रहा है। वहीं एसीबी के लपेटे में आये अनेक अधिकारी, कर्मचारियों के अफसर अग्रिम कार्यवाही के लिए मुँह छिपाते नजर आ रहे हैं। माना जा रहा है कि राजस्व विभाग में हुई कार्यवाही के बाद कोरबा जिले के एक अपराधी प्रवृत्ति के शख्स का राजस्व अधिकारियों पर निलंबन, बर्खास्तगी की कार्यवाही न करने भयंकर अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है जिसके चलते राजस्व विभाग मूकदर्शक बना हुआ है।
सोशल मीडिया में सक्रिय,अलग अलग नंबरों से जुड़े है व्हाट्सएप ग्रुप में
सायबर सेल में शिकायत के बावजूद फर्जी व्हाट्सएप से सोशल मीडिया में सक्रिय कुछ आपराधिक एवं भ्रष्ट कर्मचारियों का गैंग हालांकि सायबर सेल बिलासपुर का कहना है कि इस संबंध में फर्जी नंबर, आईएमईआई ट्रेसिंग की जा रही है जल्द ही इस गिरोह का भंडाफोड़ कर बड़ी कार्यवाही की जानी है।
बता दें लंबे समय से लंबित एसीबी की कार्यवाही में लगातार हाई कोर्ट की फटकार के बाद कार्यवाही कर एफआईआर की गई जिसकी सूचना एसीबी ने भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों के विभाग प्रमुखों को भेज दिया जाना बताया जा रहा बावजूद अभी तक विभाग के तरफ से निलंबन, बर्खास्तगी या अन्य कोई कार्यवाही होते नही दिख रही है।