बिलासपुर:रेलवे के डीजीटी यार्ड में लगी आग तीसरे दिन भी सुलग रही है। बारह खोली चौक के पास स्थित इस स्टोर में सिग्नल डिपार्टमेंट में इस्तेमाल होने वाले एलमुनियम केबल रखे हुए थे। होलिका दहन की रात याने गुरुवार को करीब 2:00 बजे यहां अचानक आग लग गई। आग लगने के कारणों का अब तक पता नहीं चल पाया है।
अलबत्ता यहां ज्वलनशील केबल में लगी आग अब तक नहीं बुझ पाई है ,जबकि अब तक 300 से अधिक दमकल पानी का इस्तेमाल आग बुझाने में किया जा चुका है। इस स्टोर में सिगनल एंड टेलीकॉम डिपार्टमेंट में इस्तेमाल होने वाले करोड़ों के अल्मुनियम वायर रखे हुए थे।
छुट्टी का दिन होने की वजह से उस रात अधिक कर्मचारी नहीं थे। यहां तक कि दूसरे दिन सुबह तक अधिकांश कर्मचारियों को आग लगने की जानकारी नहीं थी। जानकारी मिलने के बाद भी अधिकांश अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। आग बुझाने का इंतजाम ना होने की वजह से आग की लपटे बढ़ती चली गई और कुछ ही देर में आग ने पूरे स्टोर को अपने कब्जे में ले लिया। एक-एक कर कई बंडल जल गए।
बताया जा रहा है कि एक बंडल की कीमत करीब 8 लाख रुपये है। अनुमान है कि अब तक 50 करोड़ से अधिक के केबल जल चुके हैं। लेकिन असली जानकारी आग बुझने के बाद ही लग पाएगी । जोनल मुख्यालय होने के बावजूद रेलवे के पास अपना दमकल ना होना रेलवे को भारी पड़ा। रेलवे अधिकारियों का दावा है कि दमकल की गाड़ियां देर से पहुंची इस कारण से आग भड़क गई ।
तारबाहर क्षेत्र में हुए इस हादसे के बाद संबंधित सड़क पर आवागमन प्रतिबंधित कर दिया गया है। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर लोगों की आवाजाही दुर्घटना क्षेत्र में प्रतिबंधित की गई है। फिलहाल रेलवे आग पर काबू पाने का प्रयास कर रहा है इसके बाद आग लगने की वजह और हुए नुकसान का अनुमान लगाया जाएगा।