रायपुर। कोरोना के ओमिक्रान वैरिएंट को लेकर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने शनिवार को विभागीय तैयारी की समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया से चर्चा के दौरान सिंहदेव ने कहा कि छत्तीसगढ़ में विदेश से लौटे 280 लोग ऐसे जिनकी पहचान नहीं हो पाई है. ऐसे लोगों की पहचान के लिए पुलिस की मदद ली जा रही है। स्वास्थ्य विभाग भी उनकी पहचान करने में जुटा हुआ है
सिंहदेव ने छत्तीसगढ़ में सरकार की तैयारियों की जानकारी देते हुए कहा कि 108 देशों में ओमिक्रोन पहुंच चुका है। हमारे देश की स्थिति यह है कि छत्तीसगढ़ चारों तरफ से घिर गया है, हमारे पास कितने ज्यादा केस हो सकते हैं? उतने बिस्तर हैं या नहीं इस पर समीक्षा हुई।
अस्पतालों में 17000 बिस्तर तैयार
सिंहदेव ने कहा कि कोविड को लेकर कोई विशेषज्ञ अपनी राय नहीं दे रहे हैं कि यह कितना खतरनाक हो सकता है कितना नहीं। लेकिन दूसरी लहर के अनुभव के आधार पर हमारी कितनी तैयारी है, इस पर समीक्षा की गई। उन्होंने कहा कि ओमिक्रोन को लेकर हमारे पास 17000 बिस्तर तैयार हैं।
ज़िनोम सीक्वेंसिंग लैब को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बजट में लैब के लिए प्रावधान करेंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र ने इसे लेकर नए नियम जारी किए हैं, जिसके तहत लैब बनाने के लिए पहले केंद्र सरकार से अनुमति लेनी होगी। ऐसे में हम केंद्र से अनुमति के लिए बात करेंगे।
नाइट कर्फ्यू लगाना कोई ऑप्शन नहीं
देश के कई राज्यों में नाइट कर्फ्यू लगाने के सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि नाइट कर्फ्यू लगाना कोई ऑप्शन नहीं है, रात में तो वैसे भी कोई व्यक्ति घर से बाहर नहीं निकलता। अभी फिलहाल छत्तीसगढ़ में पॉजिटिविटी रेट 1% से भी नीचे है। यहां 500 के टेस्ट में 5 पॉजिटिव मिल रहे हैं। सबसे महत्वपूर्ण यह है कि कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन हो सके, लॉक डाउन की बात तो बहुत दूर है।