मुंगेली। १५ बरस पूर्व जायज मुंगेली के लिए जिले का दर्जा मिला और इस जिले में आशातीत विकास हो या ना हो,प्रशासनिक लब्बोलुआब कम नहीं रहा। प्रारंभ में फौरी तौर पर अस्थाई व्यवस्था के संचालन में जिले की शुरुआत उपरांत कुछ समय बाद हर व्यवस्था स्थाई की गई जिसमें जिले के समस्त प्रशासनिक अधिकारियों के लिए एक विशेष बजट से बंगले तैयार कर दिए गए।
मगर अफसोस अथवा दुर्भाग्य ही कहा जाए कि आज के मापदंड में सारी सुविधाओं से परिपूर्ण स्थाई कलेक्टर बंगले में आज तक किसी भी कलेक्टर द्वारा प्रवेश नहीं किया गया जबकि करोड़ों रुपए लागत से ये आलीशान बंगला उनकी बाट जोह रहा है।
वर्तमान में जो भी कलेक्टर रहे जिले के प्रारंभ में अस्थाई एसडीएम निवास को ही कलेक्टर निवास बनाकर दिया गया आज उस अस्थाई कलेक्टर निवास में इन १५ बरस में विभिन्न योजनाओं, विभिन्न मद से अनेक विभागों द्वारा करोड़ों रुपए फूंक फूंक कर सुसज्जित करते हुए कलेक्टर के रहने की व्यवस्था यही रही मगर जनता की गाढ़ी कमाई बेवजह फूंक कर अस्थाई कलेक्टर निवास की किसी भी कलेक्टर द्वारा मोह नहीं छोड़ा गया।
बता दें दो वर्ष पूर्व अस्थाई कलेक्टर निवास में कलेक्टर कुंदन कुमार के रहने के लिए इस जगह के स्ट्रक्चर को पूर्णतया बदल नए सिरे से ग्राउंड लेवल से काम करवाकर दो तीन विभाग के अधिकारियों,सब इंजीनियरों की मौजूदगी में महीनों काम और लाखों के खर्च के बाद सजाया गया मगर हकीकत कहा जाए तो स्थाई कलेक्टर निवास शासन द्वारा बनाकर वर्षों पूर्व हेंड ओवर कर दिए जाने के बावजूद उस बंगले की अनदेखी कर इसी अस्थाई बंगले में रहना अतिक्रमण जैसा ही रहा।
बहरहाल अब कलेक्टर कुंदन कुमार की विदाई के बाद नए कलेक्टर श्री तोपने का आगमन अब तक नहीं हो पाया है संभवतः सोमवार २४ अगस्त वे पदभार ग्रहण कर सकते हैं जिसके बाद स्थाई कलेक्टर निवास के बदले इस बार शासन द्वारा निर्धारित करोड़ों खर्च के बाद बनाए स्थाई कलेक्टर निवास में रहकर अस्थाई कलेक्टर बंगले का बलात कब्जा समाप्त होगा और यहां शिक्षा,स्वास्थ्य या युवाओ के लिए या फिर राज्य सरकार की मंशानुरूप महतारी सदन के लिए रूपरेखा बनाई जा सकेगी।