बिलासपुर: फिरौती के लिए नाबालिग का अपहरण कर हत्या का मामला सामने आया है। अपहरण के बाद फिरौती के लिये कॉल आने से पहले ही नाबालिग की आरोपियों ने पहचाने जाने के डर से हत्या कर दी थी। पुलिस ने घटना में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में मिली जानकारी के अनुसार तारबाहर थाना क्षेत्र के तारबाहर बस्ती डिपूपारा में रहने वाले आसिफ मोहम्मद ऑटो डील का काम करते हैं। उनका 17 वर्षीय बेटा रेहान मोहम्मद 10वीं कक्षा का छात्र था। रेहान पढ़ाई के साथ अपने पिता का भी काम में हाथ बंटाता था। कल शाम रेहान शाम 6 बजे कहीं निकला और देर रात तक वापस नहीं आया।
परेशान परिजनों ने उसे फोन किया तब उसका फोन बंद आया। परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। तभी रात 11.30 पर रेहान के ही फोन से उसके पिता आसिफ मोहम्मद के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने कहा कि आपके बेटे का किडनैप हो चुका है और उसे सही सलामत वापस पाना चाहते हो तो 50 लाख की फिरौती तैयार रखो। उसके बाद मोबाइल बंद हो गया।
डरे हुए रेहान के पिता समेत सारे परिजन रात लगभग 12 बजे तारबाहर थाना पहुँचे और घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही तारबाहर पुलिस के होश उड़ गए और उच्चाधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना पर उच्चाधिकारी रात को ही थाने पहुँच गए और फिर किडनैपरों की तलाश शुरू हो गई। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर डिपूपारा निवासी अभिषेक को उठाया गया। अभिषेक मृतक रेहान के ही मोहल्ले का है। पूछताछ में वह पहले तो मुकरता रहा। पर सख्ती से पूछताछ करने पर वह टूट गया और दो साथियों के साथ हत्या करना कबूल कर लिया।



अस्पताल में बाउंसर है मुख्य आरोपी घटना की सूचना पर एसएसपी पारुल माथुर खुद पहले जहां से फिरौती के लिये कॉल आया वही पहुँच गई और कई थानेदारों को लगा कर गुत्थी सुलझाई। मुख्य आरोपी अभिषेक सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक अस्पताल में बाउंसर का काम करता है। हत्या व लाश छुपाने के बाद वह ड्यूटी पर पहुँच गया।
पुलिस ने उसे वही से उठाया। पहले तो वह मुकरता रहा फिर अपने साथियों के साथ हत्या की वारदात कबूल कर ली। उसके दो साथियों शिबू व रवि को कोनी थाना क्षेत्र के बिलासा ताल के पीछे स्थित उनके घर से पकड़ा गया। वो हत्या कर आकर सो गए थे। पुलिस ने उन्हें पकड़ कर रानीगांव से लाश बरामद किया है।