• विभागीय कार्य भी रहता है प्रभावित
• अधोसंरचना, विकास की परिकल्पना विभाग के अफसरों के भरोसे दिख रही बेमानी
• मुख्यालय से बाहर रहकर कार्यपालन अभियंता कभी कभार आते है नजर
मुंगेली। यूं तो लोक निर्माण विभाग का डिवीजन ऑफिस हर समय सुर्खियों पर रहा है। कभी यहां पदस्थ कार्यपालन अभियंता को अचानक पिछली सरकार बर्खास्त कर देती है तो कभी अत्यंत गैर जिम्मेदार, लापरवाह एवं भ्रष्ट अफसरों की पोस्टिंग कर देने से आये दिन विवाद की स्थिति निर्मित होने,काम प्रभावित होने जैसी स्थिति देखी जा रही है।
वर्तमान समय मे मुंगेली डिवीजन में पदस्थ कार्यपालन अभियंता अरविंद चौरसिया जो कि बिलासपुर से कभी कभार आना जाना करते है इनके इस रवैये से विभागीय काम और विभाग के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को भी विभागीय कामो में दिक्कतें हो रही है।
बेमन से कर रहे कार्यपालन अभियंता काम
बता दें मनमाफिक जगह शायद न मिली हो जिसके कारण भी कार्यपालन अभियंता अरविंद चौरसिया बेमन से विभागीय काम करते है जिसके चलते बहुत से काम अटके हुए है या फिर कुछ ठेकेदारों को मनमाफिक विसंगतियों के बावजूद भुगतान कार्यवाही हो रही है।
पंडरभठ्ठा का हायर सेकंडरी स्कूल हो रहा गुणवत्ताविहीन निर्माण बावजूद कोई कार्यवाही नहीं
मालूम हो मुंगेली डिवीजन अंतर्गत पंडरभठ्ठा में एक हायर सेकंडरी स्कूल का निर्माण बद से बदतर हो रहा है जिसके निर्माण के लिए निर्धारित समय सीमा भी निकल चुकी है बावजूद ठेकेदार को हरसंभव मदद कर उपकृत किया जा रहा है भवन निर्माण काम के शुरुआत से ही गुणवत्ता का ध्यान नही रखा जा रहा है उसके बावजूद इंजीनियर की मिलीभगत से पार्ट पार्ट भुगतान लेने में ठेकेदार सफल है। मुंगेली में ऐसे ही कामो के गुणवत्तापूर्ण नही कराने के चलते बहुत से निविदा निरस्त हो जाते है बाद में आधे अधूरे बने भवनों को फिर से नए निविदा से लाखों, करोड़ों के राजस्व क्षति होने के साथ पुनः निविदा से कराया जाता है जिसके कारण शासन को अतिरिक्त मद खर्च भी करना पड़ता है।