जैन समाज के होनहार संयम कोटड़िया का दीक्षा पूर्व नगर में भव्य अभिनंदन समारोह, शहर में निकाली गई शोभायात्रा-video

मुमुक्षु संयम कोटड़िया आगामी 2 दिसम्बर को राजस्थान के मालपुरा तीर्थ में गुरुदेव आध्यात्म योगी श्री महेन्द्र सागर जी महाराज एवं युवा मनीषी श्री मनीष सागर जी महाराज से जैन भागवती दीक्षा अंगीकार कर साधु जीवन में प्रवेश करेंगे।

मुंगेली। स्थानीय जैन समाज के होनहार नवयुवक संयम कोटड़िया का दीक्षा पूर्व नगर में भव्य अभिनंदन समारोह एवं वर्शीदान वरगोड़ा (शोभायात्रा) निकाली गई। नगर के कोटड़िया परिवार के रीतेश कोटड़िया एवं श्रीमती श्वेता कोटड़िया के इकलौते पुत्र संयम का पिछले कुछ वर्षो से वैराग्यकाल चल रहा था। वे गुरु सेवा में अपने जीवन को समर्पित करने का मानस बना चुके थे तथा अपना अधिकांश समय गुरु निश्रा में ही साधनामय जीवन के रुप में व्यतीत कर रहे थे। संयम कोटड़िया की भगवती दीक्षा की मालपुरा तीर्थ में आगामी 2 दिसम्बर को आयोजित होने की घोषणा से सर्वत्र हर्ष व्याप्त हुआ। इस दौरान मुंगेली आगमन पर उनका अभूतपूर्व स्वागत स्थानीय जैन समाज द्वारा किया गया।

प्रातः श्री सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर से वर्शीदान वरगोड़ा प्रारंभ
हुआ, जिसमें इंद्रध्वज, प्रभु महावीर का रथ, बैण्ड पार्टी, महिलाओं एवं युवाओं की भजन मण्डली के साथ-साथ मुमुक्षु संयम अपने माता-पिता के साथ रथ पर सवार होकर वर्शीदान करते हुए नगर भ्रमण किए। पश्चात पुनः जैन मंदिर पहुंचने पर दर्शन वंदन के उपरांत अभिनंदन समारोह का आयोजन किया गया। जिसमें सर्वप्रथम श्री सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मंदिर ट्रस्ट की ओर से अभिनंदन किया गया, तत्पश्चात अन्य संस्थाओं सुमतिनाथ सेवा समिति, मनोहर महिला मंडल, सुमति संस्कार पाठशाला, जिनदत्त सूरि स्वाध्याय मंडल सहित अनेक लोगों ने सम्मान किया।

सम्मान समारोह में मैनेजिंग ट्रस्टी अनोपचंद बैद, नवरतन कोठारी,
प्रीतेष चोपड़ा, श्रीमती कविता छाजेड़, श्रीमती ज्योति चोपड़ा, श्रीमती डाॅ. हीना पारख, श्रीमती पारस चौरड़िया, कु. अनि जैन ने हृदय के उद्गार व्यक्त किये।

कार्यक्रम का संचालन अभय चोपड़ा ने किया। कार्यक्रम पश्चात श्री कंवरलाल बैद ओसवाल भवन में स्वधर्मी वात्सल्य, शासन माता का मंगल गीत, समृद्धि का जन्मदिवस एवं प्रभु भक्ति का आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रमों में सकल जैन समाज के साथ-साथ अन्य गणमान्य बंधुओं की उपस्थिति रही।

संयम का जीवन – महावीर एजेंसी के संचालक रितेष कोटड़िया एवं श्रीमती श्वेता कोटड़िया के पुत्र संयम बचपन से ही मेघावी छात्र रहे। विद्याध्ययन के साथ-साथ धार्मिक गतिविधियों में इनकी रुचि रही। मंदिर में आयोजित होने वाले सभी कार्यक्रमों में सक्रियता से भाग लेते रहे। पश्चात गुरुदेव आध्यात्म योगी श्री महेन्द्र सागर जी एवं युवा मनीषी श्री मनीष सागर जी महाराज के सम्पर्क में आने के बाद वैराग्य भाव से ओत-प्रोत हुए। माता-पिता की सहज स्वीकृति के बाद अपना जीवन जिन शासन को सौंपने का संकल्प लिया। दीक्षा महोत्सव – राजस्थान की राजधानी जयपुर के समीप प्रख्यात तीर्थ मालपुरा जिसे दादागुरुदेव श्री जिनकुशल सूरि जी की प्रत्यक्ष दर्शन स्थली भी कहा जाता है, वहां आपकी दीक्षा महोत्सव आगामी 2 दिसम्बर को होगा। चतुर्विध संघ अर्थात् साधु-साध्वी-श्रावक-श्राविकाओं की मंगलमयी उपस्थिति में आपकी दीक्षा सम्पन्न होगी।

पूर्व में हुए दीक्षा महोत्सव – बता दें वर्ष 2000 में मुंगेली शहर की लाडली बिटिया हंसा कोठारी की भागवती दीक्षा हर्शोल्लास के साथ सम्पन्न हुई थी, जिन्हें आज साध्वी प्रवचन पट्टू श्री हंसकीर्ति श्री जी के नाम से जाना जाता है। इन्हीं के साथ सुश्री रेखा डूंगरवाल (साध्वी रत्ननिधि श्री जी) की दीक्षा हुई। लगभग 11 वर्श पूर्व मनोज पारख (मुनि श्री संकल्परत्न सागर जी), गुलशन पारख (साध्वी प्रार्थना श्री जी), जया पारख (साध्वी प्रतिभा श्री जी) के साथ-साथ कु. रीतू भूरा (साध्वी रिजुता श्री जी) की दीक्षा पूर्व में सम्पन्न हो चुकी है। चूंकि स्थानीय जैन समाज में समय-समय पर गुरु भगवंतों का आगमन होता रहा है, जिसके चलते समाज के युवानों में अच्छे संस्कारों के बीजारोपण हुए जिससे नगर से अनेक वैरागी बंधुओं ने संयम जीवन स्वीकार किया। साथ ही संयम कोटड़िया का दीक्षा महोत्सव 2 दिसम्बर को होगा। इनके अतिरिक्त नगर के ही संयम पारख सुपुत्र श्रीमती विनीता पारख का दीक्षा महोत्सव आगामी 23 जनवरी को महासमुंद में आयोजित होगा, जिसमें खरतरगच्छाचार्य श्री जिनपीयूष सागर जी महाराज के हस्ते आपकी दीक्षा सुसम्पन्न होगी।

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