आपातकाल की 50वीं वर्षगाँठ पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय राज्य मंत्री साहू रायपुर में आयोजित सम्मान समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए

लोकतंत्र की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों एवं संवैधानिक चेतना को सशक्त बनाना आवश्यक : श्री तोखन साहू

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में लोकतंत्र प्रहरी संगठन द्वारा आयोजित सम्मान समारोह एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम में सहभागिता की। आपातकाल की 50वीं वर्षगाँठ के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के माननीय मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री तोखन साहू ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की शक्ति उसके संवैधानिक मूल्यों, नागरिक अधिकारों तथा लोकतांत्रिक संस्थाओं में निहित है। उन्होंने कहा कि आपातकाल का दौर लोकतंत्र के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा एवं संविधान के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का स्मरण कराता है।

उन्होंने लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष, त्याग एवं राष्ट्र के प्रति उनके अमूल्य योगदान का स्मरण करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त बनाए रखना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं में संवैधानिक चेतना, लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्र के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नई पीढ़ी लोकतंत्र के मूल्यों को आत्मसात करते हुए विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय एवं सार्थक योगदान देगी।

केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने रायपुर में ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 135वें संस्करण का किया सामूहिक श्रवण

आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कबीरनगर, वार्ड क्रमांक-02 स्थित सामुदायिक भवन (बूथ क्रमांक-36) में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 135वें संस्करण का स्थानीय नागरिकों एवं कार्यकर्ताओं के साथ सामूहिक श्रवण किया।

इस अवसर पर श्री साहू ने कहा कि ‘मन की बात’ केवल एक संवाद कार्यक्रम नहीं, बल्कि देशवासियों को जनभागीदारी, सामाजिक उत्तरदायित्व, नवाचार, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण जैसे विषयों से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बन गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के विचार समाज के प्रत्येक वर्ग को सकारात्मक परिवर्तन के लिए प्रेरित करते हैं तथा नागरिकों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध को सुदृढ़ करते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का प्रत्येक संदेश आत्मनिर्भर भारत, जनकल्याण, सामाजिक समरसता और नागरिक दायित्वों के प्रति जागरूकता को सशक्त करने का माध्यम है। ऐसे संवाद देशवासियों को राष्ट्रीय विकास की यात्रा में सहभागी बनने की प्रेरणा देते हैं और समाज में सकारात्मक परिवर्तन की भावना को मजबूत करते हैं।

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे और सभी ने प्रधानमंत्री के विचारों का श्रवण कर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प व्यक्त किया।

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