छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई का रायपुर के एम्स अस्पताल में निधन हो गया है. वह 72 वर्ष, 2 महीने और 11 दिन की थीं। 24 अप्रैल 1956 को दुर्ग के गनियारी गाँव में जन्मीं डॉ. तीजन बाई लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रही थीं.
उनके पिता का नाम हुकुमचंद परधा और माता का नाम सुखवाती बाई था. वह छत्तीसगढ़ की ‘पारधी’ अनुसूचित जनजाति से संबंध रखती थीं. बचपन में अपने नाना ब्रजलाल पारधी को छत्तीसगढ़ी हिंदी में महाभारत की कहानियां गाते सुनकर उन्हें ये कहानियां याद हो गई थीं, जिसके बाद उन्होंने उमेद सिंह देशमुख से इसका अनौपचारिक प्रशिक्षण भी लिया.