सहारा और सेबी विवाद- निवेशकों के अटके राशि एवं अभिकर्ताओं की समस्याओं का शीघ्र निराकरण कराने सांसद अरुण साव ने लोकसभा में रखी मांग

बिलासपुर/दिल्ली। सांसद अरूण साव ने सहारा इंडिया के निवेशकों एवं अभिकर्ताओं की समस्याओं को लोकसभा में नियम 377 के तहत उठाया। सांसद साव ने लोकसभा में कहा कि मेरे लोकसभा के बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला पेंड्रा मरवाही, जिला सहित सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य एवं देश के लाखों लोगों ने अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा सहारा इंडिया के विभिन्न योजनाओं में बच्चों की पढ़ाई, शादी-ब्याह, रोजगार के विस्तार आदि के लिए जमा कराए थे, परंतु आज वे अपने जमा पैसे को वापस प्राप्त करने के लिए दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर हो रहे हैं। साथ ही साथ हजारों की संख्या में अभिकर्ता बेरोजगार हो गए हैं।

मालूम हो कि सहारा और सेबी का विवाद विगत 8 वर्षों से जारी है। सहारा के बैंक खाते फ्रीज़ करके रखे गए हैं। सहारा ने सेबी के खाते में 24,000 करोड़ की राशि जमा कर दिया है किन्तु निवेशकों को उनकी राशि का भुगतान नहीं हो पा रहा है, जिससे निवेशकों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही इस विवाद के कारण हजारों अभिकर्ताओं के सामने भी जीवन यापन का संकट उठ खड़ा हुआ है, और भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है ।

सांसद अरुण साव ने सरकार से मांग किया कि इस विषय पर संज्ञान लेकर निवेशकों की गाढ़ी कमाई का पैसा वापस दिलाने हेतु आवश्यक पहल करे, और विवाद का निपटारा कराकर हजारों अभिकर्ताओं के भविष्य की रक्षा करें।

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