- घर से स्टार्ट कर ले गए वाहन की वायरिंग खराब होने का दावा, चूहे से नुकसान बताकर अतिरिक्त खर्च थोपने का आरोप
बिलासपुर। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और मेंटेनेंस सेवाओं को लेकर गैलेक्सी मोटर्स पर एक महिला ग्राहक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्राहक का कहना है कि वाहन खरीदते समय कम मेंटेनेंस और वारंटी जैसी सुविधाओं का भरोसा दिया गया, लेकिन सर्विसिंग के दौरान अब वाहन की वायरिंग चूहे द्वारा क्षतिग्रस्त होने की बात कहकर हजारों रुपये के अतिरिक्त खर्च का हवाला दिया जा रहा है।
महिला ग्राहक के अनुसार, सर्विसिंग के लिए गैलेक्सी मोटर्स की टीम उसके घर से वाहन लेने पहुंची थी। उस समय घर पर पुरुष सदस्य की अनुपस्थिति का हवाला देते हुए वाहन स्टार्ट नहीं होने की बात कही गई और उसे ऑटो में लोड कर वर्कशॉप ले जाने की बात सामने रखी गई। ग्राहक का आरोप है कि टीम ने शुरुआत में वाहन स्टार्ट करने का पर्याप्त प्रयास नहीं किया। बाद में आपत्ति जताने पर वाहन स्टार्ट किया गया और उसे चलाकर वर्कशॉप तक ले जाया गया।
ग्राहक का कहना है कि जब वाहन घर से स्टार्ट होकर वर्कशॉप पहुंचा, तो अगले दिन उसकी पूरी वायरिंग चूहे द्वारा खराब किए जाने की बात बताकर मरम्मत में हजारों रुपये खर्च होने की जानकारी दी गई। इसी घटनाक्रम को लेकर महिला ने सवाल उठाया है कि यदि वायरिंग पहले से ही इतनी क्षतिग्रस्त थी, तो वाहन स्टार्ट कैसे हुआ? साथ ही, यदि नुकसान वर्कशॉप परिसर में हुआ है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी?
-वारंटी और मेंटेनेंस के दावों पर उठे सवाल
महिला ग्राहक का आरोप है कि वाहन खरीदते समय आकर्षक योजनाओं, वारंटी और मेंटेनेंस संबंधी आश्वासनों के आधार पर वाहन बेचा गया था। ऐसे में सर्विसिंग के दौरान अतिरिक्त खर्च बताए जाने और नुकसान की परिस्थितियों को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं मिलने से ग्राहक असंतुष्ट है।
ग्राहक का कहना है कि किसी प्रतिष्ठित ऑटोमोबाइल डीलर से यह अपेक्षा की जाती है कि वह वाहन की जांच पारदर्शी तरीके से करे, खराबी के कारणों की स्पष्ट जानकारी दे और मरम्मत का खर्च बताने से पहले उचित तकनीकी प्रमाण प्रस्तुत करे। केवल मौखिक रूप से चूहे द्वारा वायरिंग काटे जाने की बात कह देना पर्याप्त नहीं है। वाहन की वायरिंग की वास्तविक स्थिति, क्षति का स्थान और नुकसान होने का संभावित समय तकनीकी जांच से स्पष्ट किया जाना चाहिए।
-उपभोक्ता फोरम में शिकायत की तैयारी
महिला ग्राहक ने मामले में संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाने की बात कही है। उसका कहना है कि यदि वाहन की वास्तविक खराबी और मरम्मत के खर्च का पारदर्शी विवरण नहीं दिया गया, तो वह उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर विधिसम्मत शिकायत दर्ज कराएगी।
उपभोक्ता हितों के जानकारों के अनुसार, ऐसे मामलों में वाहन की सर्विसिंग जॉब शीट, वाहन सौंपते समय की स्थिति, वायरिंग की क्षति की तस्वीरें, मरम्मत का लिखित अनुमान, वारंटी की शर्तें और डीलर के साथ हुई बातचीत के रिकॉर्ड महत्वपूर्ण साक्ष्य हो सकते हैं।
यदि सेवा में कमी, अनुचित व्यापार व्यवहार या वारंटी की शर्तों के उल्लंघन के पर्याप्त प्रमाण मिलते हैं, तो पीड़ित उपभोक्ता संबंधित कानून के तहत उचित राहत की मांग कर सकता है।
अब सवाल यह है कि गैलेक्सी मोटर्स प्रबंधन महिला ग्राहक की शिकायत पर क्या स्पष्टीकरण देता है और वायरिंग खराब होने के कारणों तथा प्रस्तावित मरम्मत खर्च का तकनीकी आधार क्या है? मामले में संबंधित डीलर का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।