हाई कोर्ट के आदेशों की अवहेलना के आरोपों से घिरा मुंगेली SDM कोर्ट, राजस्व मामलों में फैसलों पर उठे सवाल

मुंगेली। मुंगेली में राजस्व मामलों को लेकर एसडीएम कोर्ट की कार्यप्रणाली एक बार फिर चर्चा में है। आरोप लगाए जा रहे हैं कि उच्च न्यायालय में लंबित मामलों और न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद कुछ प्रकरणों में अपील स्वीकार कर आदेश जारी किए गए, जिससे न्यायिक प्रक्रिया के पालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि एक भूमि विवाद और कथित धोखाधड़ी से जुड़े मामले में, जिसमें आपराधिक प्रकरण भी दर्ज है तथा संबंधित मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है, उसी विषय पर एसडीएम कोर्ट द्वारा दिए गए निर्णय को लेकर आपत्ति जताई जा रही है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि यह आदेश उच्च न्यायालय के निर्देशों के विपरीत है और इसे चुनौती देने की तैयारी की जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित पक्ष अब इस पूरे मामले को पुनः उच्च न्यायालय के संज्ञान में लाने की तैयारी कर रहा है। यदि ऐसा होता है, तो जिला प्रशासन के अधिकारियों से न्यायालय स्पष्टीकरण भी मांग सकता है।

मुंगेली जिले में अवैध प्लाटिंग और भूमि डायवर्सन से जुड़े मामलों को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। आरोप है कि प्रतिबंधित या विवादित भूमि के डायवर्सन में अनियमितताएं हुईं और इसमें राजस्व विभाग के कुछ कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग उठ रही है। यह भी चर्चा है कि इन मामलों को लेकर जनहित याचिका (PIL) दायर करने की तैयारी की जा रही है।

कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यदि किसी मामले पर उच्च न्यायालय में सुनवाई लंबित हो और संबंधित न्यायालय द्वारा स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हों, तो अधीनस्थ न्यायालयों और प्रशासनिक अधिकारियों के लिए उन आदेशों का पालन करना आवश्यक होता है। किसी भी प्रकार के विवाद की अंतिम स्थिति न्यायालय के आदेशों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।

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