अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली – भारत और चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच चीन मामलों के विशेषज्ञ और चीन में भारत के राजदूत रह चुके विक्रम मिसरी को नरेंद्र मोदी की सरकार ने उप-राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (डिप्टी एनएसए) नियुक्त किया है। वे पंकज सरण की जगह लेंगे जिनका कार्यकाल 31 दिसंबर को खत्म हो रहा है। चीन में तीन साल तक भारत के राजदूत रहे मिसरी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में भी काम कर चुके हैं। हिंद-प्रशांत क्षेत्र की रणनीतिक परिस्थितियों के जानकार माने जाते हैं। डिप्टी नेशनल एडवाइजर का पद संभालने के बाद वह राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को रिपोर्ट करेंगे। दिसंबर के शुरुआत में विक्रम मिसरी ने चीन के विदेश मंत्री वांग यी से ऑनलाईन होने वाली विदाई मुलाकात मे कहा था कि कुछ चुनौतियों के कारण द्विपक्षिय संबंधों में व्यापक अवसरों पर नकारात्म प्रभाव पड़ा है। गौरतलब है कि विक्रम मिसरी का जन्म 07 नवंबर 1964 को कश्मीर के श्रीनगर में हुआ था। वे 1989 बैच के भारतीय विदेश सेवा के (आईएफएस) अधिकारी हैं। वे केंद्र सरकार में विदेश मंत्रालय में अंडर सेक्रेटरी से लेकर निदेशक तक का पद संभाल चुके हैं। इसके अलावा मिसरी ने देश के तीन प्रधानमंत्रियों के निजी सचिव के तौर पर भी काम किया है। वे अप्रैल 1997 से मार्च 1998 तक पीएम इंद्र कुमार गुजराल के निजी सचिव रहे, जबकि अक्तूबर 2012 से मई 2014 तक प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के निजी सचिव की जिम्मेदारी निभाई। 2014 में सत्ता परिवर्तन के बाद उन्होंने मई से जुलाई 2014 तक पीएम नरेंद्र मोदी के निजी सचिव का पद संभाला। चीन में भारतीय राजदूत के रूप में मिसरी के तीन साल का कार्यकाल इसी महीने खत्म हुआ था।
चीन में नये राजदूत बने प्रदीप रावत
चीन में राजदूत नियुक्त किये गये प्रदीप कुमार रावत भारतीय विदेश सेवा के 1990 बैच के अधिकारी हैं। इससे पहले वे नीदरलैंड्स् में भारत के राजदूत थे। रावत धाराप्रवाह चीनी भाषा बोलते हैं। इससे पहले वे वर्ष 2014 से वर्ष 2017 तक दिल्ली में विदेश मंत्रालय में पूर्वी एशिया विभाग के संयुक्त सचिव रहे थे।