मुंगेली(विनोद यादव)। मुंगेली जिले का रजिस्ट्री दफ्तर हाल ही नए बिल्डिंग में शिफ्ट किया गया है जहां यह बिल्डिंग है उसके चारों तरफ सिर्फ खेत(कृषि भूमि) ही दिखाई देगी। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात यहां यह देखी जा रही है कि इस दफ्तर का पूरा संचालन शासकीय शराब दुकान जैसा परिलक्षित हो रहा है। जिस प्रकार ठेकेदारी बन्द होने के बाद जबसे शराब दुकान का बीड़ा स्वयं सरकार ने उठाया है तबसे मदिरा प्रेमियो को इन जगह के लिए प्रायः हर जगह शहर से दूर पहुंचविहीन खेतो में जहाँ बरसात हो या और कोई भी समय बड़ी मशक्कत के बाद शराब प्रेमी पहुंच पाता है और जब पहुंच गया तो वहां सरकार सिर्फ शराब बेचने का काम कर रही है बचत पीना और शराब के अलावा आवश्यक लगने वाली मदिरा प्रेमियों के सामानों की व्यवस्था खुद करनी होती है।
ठीक उसी तर्ज पर इन दिनो नए बिल्डिंग में शिफ्ट हुए जिला रजिस्ट्री दफ्तर का हाल देखने को मिल रहा है जहां रजिस्ट्री दफ्तर पहुंचे क्रेता, विक्रेता को रजिस्ट्री समय के पहले या तो खेतो में खड़ा रहना होगा या फिर अपनी व्यवस्था से जमीन में घंटो बैठे रहना होगा यदि बिजली है इंटरनेट है और रजिस्ट्रार ऑफिस के टेक्निकल सब ठीक है तो रजिस्ट्री होगी अन्यथा घंटो जमीन,खेत मे ही बैठे रहने की हालत देखने मिल रही है।
आम नागरिक के लिए आवश्यक सुविधा मुहैया नही
रजिस्ट्रार दफ्तर में लोगों के बैठने के लिए न वेटिंग हाल है ना ही प्रसाधन है ना ही और किसी प्रकार की सुविधाएं देखी जा रही है। जिसके चलते अब बरसात, पानी,तेज धूप किसी भी समय आम लोगो के साथ ही महिलाओं को भारी दिक्कतों में रजिस्ट्री दफ्तर में रहना पड़ रहा है।

