राजनांदगांव: वर्तमान में 15 से 18 वर्ष के बच्चों का टीकाकरण शुरू किया जा चुका है।अतः स्थिति को देखते हुए 1 फरवरी से स्कूलों में केवल कक्षा 10वीं से कक्षा बारहवीं के संचालन की अनुमति कुछ शर्तों के साथ ही जाती है। जिसके अनुसार स्कूल के प्राचार्य द्वारा स्थानीय स्तर पर जनभागीदारी समिति/शाला विकास समिति की बैठक लेकर उनके सहमति के आधार पर कक्षाओं का संचालन किया जा सकेगा।

यदि जनभागीदारी समिति में कक्षाओं के संचालन के लिए सहमति नहीं बन पाती है तो ऐसी स्थिति में ऑनलाइन कक्षाएं की व्यवस्था की जाएगी। कक्षाओं में क्षमता में केवल 50% बच्चों को एक बार बुलाया जा सकेगा और कक्षाओं को पूर्ण रूप से सेनेटाइज किया जाना उसका उपयोग और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन जरूरी होगा।