Exclusive: बैकुंठपुर एपिसोड मुंगेली में दोहराने की तैयारी, कांग्रेस भाजपा दोनों में वेट एंड वॉच वाली स्थिति, आखिरी समय में बड़े उलटफेर के आसार

नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचन: क्या कांग्रेस को बैकुंठपुर की तरह लग सकता है जोर का झटका ?
• बैकुंठपुर में बहुमत के बाद भी नहीं बना नगर पालिका अध्यक्ष
• वर्तमान स्थिति में मुंगेली नगर पालिका में वोट के हिसाब से माना जा सकता है बराबरी मगर, अध्यक्ष कौन बन जाय कहना है मुश्किल
• क्रॉस वोटिंग में फिर न जाय सत्तारूढ़ दल के मंसूबों पर पानी
• एक एक पार्षद के मनःस्थिति को समझना है बड़ा मुश्किल
• भाजपा भी अपनी सरकार यथावत रखने लगा रही पूरा दम

मुंगेली। छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के बैकुंठपुर नगरपालिका अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी ने कांग्रेस को जोर का झटका दिया है। जहां बहुमत होने के बावजूद कांग्रेस प्रत्याशी को हार का सामना करना पड़ा।

हालांकि मुंगेली नगरपालिका की स्थिति थोड़ी अलग है पर यह कहना बड़ा मुश्किल है कि कौन सा मत किसको मिल जाय। अभी तक दोनों ही पार्टी के अधिकृत नाम की घोषणा नहीं हो पाई है। सारे गुणा भाग के बावजूद मुंगेली नगर पालिका में किसी भी दल के लिए अभी तक भरोसे से यह कह पाना मुश्किल होता जा रहा है कि नया अध्यक्ष उनकी पार्टी का होगा।

यहां फंसा है पेंच

बता दें कि मुंगेली नगरपालिका में कांग्रेस 10 व जोगी कांग्रेस जो अब कांग्रेस के समर्थन में है 01 और भाजपा के 11 पार्षदों ने जीत दर्ज की थी, तब बहुमत के हिसाब से नाली घोटाला में बर्खास्त किए गए भाजपा के संतूलाल सोनकर ने आसानी से कांग्रेस को पटखनी देते हुए नगरपालिका अध्यक्ष की कुर्सी हथिया ली थी। इस चुनाव में कांग्रेस को खाली हाथ ही संतोष करना पड़ा था। वर्तमान में संतू सोनकर आर्थिक भ्रष्टाचार के मामले में जेल में हैं। इस लिहाज से मुंगेली नगरपालिका में संख्या बल के हिसाब से कांग्रेस और भाजपा पार्षदों की संख्या बराबर हो गई है। कांग्रेस इसी बात को गेमचेंजर मान कर अपना अध्यक्ष बनाने के सपने देख रही है।

गेमचेंजर ही न कर दें गेम चेंज

बताया जा रहा है भाजपा यहां कांग्रेस की मनसूबों को अच्छी तरह समझ रही है। बताया जा रहा है कांग्रेस में अध्यक्ष पद की होड़ उसे जीत का रास्ता दिखा सकती है। ये कयास लगाए जा रहे हैं कि भाजपा नेता पूरी कोशिश में लगे हैं कि नाली घोटाला में बर्खास्त किए गए पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष संतूलाल सोनकर को कोर्ट की अनुमति से मतदान के लिए लाया जा सके। हालांकि अभी तक पार्टी सूत्र इस पर खामोश बने हुए हैं। अगर ऐसा होता है तो फिर भाजपा के लिए दोबारा अपना अध्यक्ष बना पाना आसान हो जाएगा।

अध्यक्ष पद की होड़ से बैकुंठपुर में कांग्रेस को करना पड़ा है हार का सामना

मुंगेली नगरपालिका में कांग्रेस को पिछले चुनाव अपना अध्यक्ष नहीं पाने का गम सता रहा है। इस बार प्रदेश में कांग्रेस की सत्ता है और उन्हें उम्मीद है कि इस बार वे भाजपा को पटखनी देने से सफल हो जाएंगे। मगर पार्टी में नगरपालिका अध्यक्ष पद के एक से ज्यादा उम्मीदवार होने से एक राय नहीं बन पा रही है। हैरानी नहीं है कि भाजपा यहां भी बैकुंठपुर एपिसोड को दोहरा कर अपना जीत पक्की कर लें।

फिलहाल 5 जनवरी, जब तक नगरपालिका अध्यक्ष के लिए मतदान न हो जाय, तक कुछ भी कहना जल्दीबाजी होगी।

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