नक्सलियों ने पोस्टर जारी कर सरकार के झूठे प्रचार, मनोवैज्ञानिक हमले को निंदनीय बताया

छत्तीसगढ़:छत्तीसगढ़ में नक्सलियों ने पोस्टर जारी किया है, जिसमें नक्सली हिडमा के सरेंडर को लेकर स्पष्टिकरण दिया है।उन्होंने प्रेस नोट जारी कर लिखा कि तेलंगाना और छत्तीसगढ़ के पुलिस-प्रशासन ने पिछले दो दिनों से हमारे बटालियन कमांडर कॉमरेड हिडमा के आत्मसमर्पण के झूठे और कुत्सित प्रचार की भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) की दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी घोर निंदा करती है।

केंद्र और तेलंगाना की जनविरोधी राज्य सरकारों ने क्रांतिकारी आंदोलन के खिलाफ जारी प्रतिक्रांतिकारी रणनीतिक दमन योजना ‘समाधान’ के तहत एक ओर प्रहार हमलों को तेज करते हुए दूसरी ओर मनोवैज्ञानिक युद्ध के तहत असत्यों, अर्धसत्यों, सफेद झूठों के साथ एवं वास्तविकताओं को तोड़-मारोड़कर पार्टी के खिलाफ झूठा और विषैला प्रचार बढ़ा-चढ़ाकर किया जा रहा है।

इसी का हिस्सा है, किसी माडवी हिड्मा को पकड़कर शीर्ष और कट्टर माओवादी 25 लाख के इनामी हिडमा के तेलंगाना पुलिस एवं सीआरपीएफ के अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण की कहानी मनगढ़ंत हो सकती है. ऐसा कुछ घटा ही न हो और यह पूरी तरह पुलिस की मनगढंत कहानी मात्र है।

हमारे कैडर और क्रांतिकारी जनता ऐसे झूठे प्रचार की जद में नहीं आते हैं, लेकिन संघर्षरत इलाकों से दूर रहने वाली उत्पीडित जनता और जनपक्षधर बुद्धिजीवियों, पार्टी समर्थकों और हमदों को भटकाने व भ्रम में डालने की कुचेष्टा के तहत ऐसा झूठा प्रचार किया जा रहा है। झूठे प्रचार के सहारे सच्चाई पर हमेशा के लिए परदा नहीं डाला जा सकता है. हमारे बटालियन कमांडर, डीके एसजडसी के सचिवालय सदस्य कॉमरेड हिडमा दंडकारण्य के गोरिल्ला बेसों में जनता के बीच अपने कामकाज में लगे हुए हैं।

सरकारों के इस झूठे प्रचार और मनोवैज्ञानिक हमले की कड़ी निंदा करने, जोरदार विरोध करने, वर्ग संघर्ष और छापामार युद्ध/जनयुद्ध में और सक्रियता के साथ शामिल होने डीके एसजडसी तमाम उत्पीडित वर्गों व सामाजिक तबकों की जनता, जनवादियों, देशभक्त ताकतों का आह्वान करती है।

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