उत्तरप्रदेश: चुनाव से पहले किसान आंदोलन सभी के जहन में तो है ही सभी को वह दिन भी याद होगा जब लखीमपुर खीरी जिले में किसानों पर कथित रूप से जीप चढ़ाने और हिंसा प्रतिहिंसा में किसानों समेत 8 लोगों की मौत हुई थी। इसे उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में बवाल मचा हुआ था।
इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई थी। इस मामले में मुख्य आरोपी उनके पुत्र की हाल ही में हुई जमानत को लेकर भी खासी बहस छिड़ी हुई थी। उत्तर प्रदेश के उसी लखीमपुर खीरी जिले की 8 विधानसभा सीटों में से सभी 8 सीटों पर बीजेपी के प्रत्याशी चुनाव जीत चुके हैं।
यहां की सीटों में पलिया, निघासन, गोला गोरखनाथ, श्रीनगर, धौरहरा, लखीमपुर, कस्ता और मोहम्मदी शामिल हैं।यहां चौथे चरण में 23 फरवरी को मतदान हुआ था।लखीमपुर खीरी में तिकुनिया हिंसा के बाद माहौल बदल गया था इस हिंसा में 8 लोग मारे गए थे।
लखीमपुर खीरी में चौथे चरण के मतदान में 62.45% मतदान हुआ था। बता दें कि लखीमपुर खीरी में पिछली बार बीजेपी ने सूपड़ा साफ कर दिया था।ऐसे में किसानों को कुचलने वाले कथित कांड के बाद यहां बीजेपी की राह आसान नहीं है. यहां केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी की प्रतिष्ठा दांव पर है।