लगातार 4 उपचुनाव जीतकर भूपेश बघेल ने बनाया रिकार्ड, सीएम के मास्टर स्ट्रोक से बीजपी चारों खाने चित

रायपुर/खैरागढ़: खैरागढ़ उप चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार यशोदा वर्मा की 20 हजार से ज्यादा मतों से मिली जीत ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नाम एक जीत का एक और रिकार्ड दर्ज हो गया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में अब कांग्रेस विधायकों की संख्या बढ़कर 70 से बढ़कर 71 हो गई है।

बता दें कि 2018 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने 67 का बहुमत लाकर रिकॉर्ड दर्ज किया था, वहीं बीजेपी को 15 सीटों से संतोष करना पड़ा था। इसके अलावा जेसीसीजे और बसपा गठबंधन के पाले में 7 सीटें आई थी। अब वर्तमान में कांग्रेस विधायकों की संख्या 71 हो गई है।

जिले की घोषणा साबित हुआ मास्टर स्ट्रोक

राजनीतिक पंडितों के मुताबिक चुनाव प्रचार अभियान के दौरान सीएम भूपेश द्वारा खैरागढ़ को नया जिला बनाने की घोषणा मास्टर स्ट्रोक साबित हुई। मुख्यमंत्री ने घोषणा की थी कि 16 अप्रैल को परिणाम आएगा और 17 अप्रैल को खैरागढ़-छुईखदान-गंडई नया जिला बनेगा। इसके अलावा उन्होंने साल्हेवारा को तहसील बनाने की घोषणा की थी।

अब तक के हुए उप चुनाव के नतीजे

भूपेश सरकार के कार्यकाल में पहला उपचुनाव चित्रकोट में हुआ. जिसमें कांग्रेस ने जीत दर्ज की और राजमन बेंजाम नए विधायक चुने गए।

दूसरा उपचुनाव दंतेवाड़ा में हुआ. यहां पर भी कांग्रेस की दिग्गज विधायक देवती कर्मा ने बाजी मारी। यहां तत्कालीन विधायक भीमा मंडावी का नक्सल हमले में निधन के बाद उपचुनाव हुआ जहां कांग्रेस ने जीत हासिल की।

तीसरा उपचुनाव मरवाही विधानसभा सीट के लिए हुआ. यहां भी प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी और जेसीसीजे सुप्रीमो अजित जोगी के निधन से सीट खाली हुई थी, जिसमें कांग्रेस के केके ध्रुव ने शानदार जीत दर्ज की थी।

अब खैरागढ़ उपचुनाव में भी कांग्रेस प्रत्याशी यशोदा वर्मा ने 20 हजार से अधिक वोटों से जीत हासिल की है। यानी लागातार चारों उपचुनाव कांग्रेस ने अपने पाले में कर लिया है।

योजनाओं ने जनता का ध्यान खींचा

जानकारों के मुताबिक सरकार की हाल ही में कर्ज माफी से लेकर पुरानी पेंशन योजना बहाली की घोषणा तक तमाम फैसले लोगों से जुड़े हुए रहे हैं। यहीं नहीं भूपेश सरकार जनता की जमीनी समस्याों पर भी फोकस करते हुए उन्हें हल किया है। यही वजह है कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस का मत प्रतिशत लगातार बढ़ता जा रहा है।

फिलहाल खैरागढ़ उपचुनाव का परिणाम आने के बाद अब ये कहा जा सकता है कि कांग्रेस ने सेमीफाइनल राउंड पार कर लिया है। चूंकि 2023 में छत्तीसगढ़ में विधानसभा चुनाव होने हैं, इसके मद्देनजर खैरागढ़ में कांग्रेस को मिली जीत पार्टी और कार्यकार्ताओं में नई ऊर्जा का काम करेगी।

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