संतोष सोनी चिट्टू की रिपोर्ट
रतनपुर:रतनपुर शोभायात्रा समिति द्वारा विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किया गया सर्व प्रथम श्री हनुमान जी का पूजन सुबह 9 बजे किया गया तत्पश्चात श्री सुंदर कांठ पाठ 10,30 बजे एवम् भोग भंडारा 12 बजे से शाम 4 बजे तक किया गया,उसके बाद सभी श्रद्धालु शोभायात्रा झांकी की तैयारी में जुट गय शाम 4 बजे भैरो मंदिर से झांकी के साथ बजे गाजे डीजे में जय श्रीराम के नारे लगाते हाथो में मसल लिए पूरे नगर भ्रमण कर गजकिला में महाआरती कर प्रसाद वितरण कर समापन किए ।
यहां रतनपुर में हर हनुमान मंदिर में भंडारे का व्यवस्था किया गया था,हर मोहल्ले चौक चौराहे पर मीठा पेय जल,फल,हलुआ ,पुड़ी ,प्रसाद इत्यादि का भरपूर खुशी से बाटा गया
*आचार्य कौशल प्रसाद तिवारी जी ने बताया*
हनुमान जयंती इस वर्ष 16 अप्रैल, दिन शनिवार को पड़ा जो कि बजरंगबली का प्रिय दिन है. दूसरा, इस दिन शनि मकर राशि में विराजमान रहेंगे. ये दुर्लभ संयोग 31 साल बाद बना है
हनुमान का जन्म चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा को हुआ था. हनुमान जयंती का पर्व इस साल बड़े ही दुर्लभ संयोग के साथ आया है।
ज्योतिषियों का कहना है कि हनुमान जयंती इस वर्ष 16 अप्रैल, दिन शनिवार को है जो कि बजरंगबली का प्रिय दिन है. साथी ही, इस दिन शनि मकर राशि में विराजमान रहेंगे
मकर राशि में शनि और शनिवार को हनुमान जयंती का ये विशेष संयोग 2022 से पहले 1991 में बना था. उस वर्ष 30 अप्रैल को हनुमान जयंती थी और दिन शनिवार था. इस तिथि को भी शनि मकर राशि में थे।
ज्योतिष शास्त्र में मंगल और शनि दोनों को क्रूर ग्रह माना गया है. ऐसे में हनुमान जयंती पर दोनों ग्रहों के दोष शांत किए जा सकते हैं. यानी जीवन में इन दोनों ग्रहों के कारण आ रही दिक्कतों को आसानी से कम किया जा सकता है. बता दें कि हनुमान का जन्म त्रेता युग में चैत्र शुक्ल की पूर्णिमा को सुबह के वक्त हनुमान जी का जन्म हुआ था. इस दिन मंगलवार को हुआ था।