आखिर प्रशासन विधायक शैलेष पांडेय का किसके दम पर कर रही लगातार अपमान…??

बिलासपुर: साढ़े तीन साल से लगातार बिलासपुर शहर विधायक शैलेष पांडेय का शासन के कार्यक्रम व पार्टियों के कार्यक्रमों में उनके अपने ही पार्टी और नेताओं तथा अधिकारियों के द्वारा बार-बार जिस तरह अपमानित किये जाने का दुस्साहस किया जा रहा है मगर सरकार और प्रशासन ने जिस तरीके से शहर विधायकशैलेष पांडेय के साथ हो रहे अड़ियल बर्ताव को बिलासपुर की जनता अपना अपमान मान रही है।

जहां तक पूर्व में राष्ट्रीय पर्व पर झंडारोहण समेत तमाम कार्यक्रमों में शहर विधायक को महत्त्व देने की बात है, वह उनकी पार्टी और प्रदेश सरकार का मामला है। लेकिन आप बिलासपुर की जनता के द्वारा जिता कर लाए गए शहर विधायक शैलेष पांडेय का सम्मान नहीं करना चाहते तो ये आपकी मानसिकता और आपकी इच्छा है। लेकिन उन्हें ( बिलासपुर शहर के विधायक को) अपमानित करने का दुस्साहस किसी में नहीं होना चाहिए। यह अब तक कई बार हो चुका है कि विभिन्न आयोजनों में शहर विधायक को पहले बुलाया तो जाता है। लेकिन मंच पर और कार्यक्रमों के दौरान बार-बार अपमानित किया जाता है।

देश के विभिन्न प्रदेशों में किसी विपक्षी विधायक के साथ भी ऐसा अपमानजनक बर्ताव देखने को नहीं मिलता ।

ताजातरीन मामला आज पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के नाम से राजीव गांधी न्याय योजना की राशि हितग्राही किसानों को अंतरित की जानी थी। इस मौके पर बिलासपुर के प्रार्थना भवन में आयोजित समारोह में शैलेश पांडे के साथ एक बार फिर अपमानजनक बर्ताव किया गया।

एक तरफ तो सरकार किसानों के और तमाम हितग्राहियों के सम्मान के लिए कार्यक्रम आयोजित करती है। वही उसी कार्यक्रम में आयोजकों के निमंत्रण पर शोभा बढ़ाने पहुंचे, शहर विधायक के साथ सरासर अन्याय पूर्वक अपमान किया जाता है। जहां तक आज हुए शहर विधायक के अपमान की बात है।

आज का कार्यक्रम पूरी तरह शासकीय कार्यक्रम था। शासकीय कार्यक्रमों में यह उम्मीद की जाती है कि आयोजक अधिकारी शासन से मान्य प्रोटोकॉल का पूरी तरह ध्यान रखेंगे। लेकिन ऐसा करने की जगह प्रोटोकॉल का उल्लंघन करते हुए शहर विधायक को इस कदर अपमानित किया गया। जिसके बाद उनकी भी वहां बैठे रहने की सारी गुंजाइश ही खत्म हो गई। और श्री शैलेष पांडे को अपमान का कड़वा घूंट पीते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर निकलना पड़ गया।

आज के घटनाक्रम को लेकर जब शहर विधायक शैलेश पांडे ने कार्यक्रम से बाहर निकले तो उन्होंने बताया कि ऐसा लगता है वे मुझे मेरा अपमान करने के लिए ही बुलाते हैं। उन्होंने आगे कहा उन्हें मेरा जितना अपमान करना है कर ले। मैं भी देखता हूं वह कब तक अपमान करेंगे..?

इसके बाद श्री शैलेश पांडे ने एक शेर कहा..

“मेरा कातिल ही मेरा मुंसिफ है
क्या मेरे हक में फैसला देगा…..”

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