• पुलिस अब तक कागज,कंप्लेन और सिफारिश में ही उलझी
• मामला आईएएस अधिकारी से जुड़े होने के बाद भी नार्मल घटना जैसा रवैय्या दिख रहा
• जिला पंचायत में जांच में हो सकता है किसी और लोग के होंने की साजिश का खुलासा
• पुलिस घटना समय से दो घंटे पूर्व व दो घंटे बाद कुछ जिला पंचायत से जुड़े लोगों के मोबाइल करे ट्रेस मामले में पूरे घटनाक्रम, साजिश का हो सकता है खुलासा
मुंगेली। एक आईएएस जो कि सालों पुराने भ्रष्टाचार में लिप्त लोगो की जांच कर कार्यवाही करे वहीं आईएएस के लिए पूरे कार्यकाल किसी के शिकायत करने की हिम्मत न की हो बावजूद अचानक एक महिला सदस्य के काम न देने के आक्रोश में बदतमीजी करना कहीं न कहीं से सोंची समझी रणनीति के तहत भी होने की चर्चा जोरों पर है। हालांकि इस संबंध में जिला पंचायत की महिला सदस्य लैला ननकू भिखारी ने अपनी पीड़ा में व्यक्तिगत होना बता रही है। बावजूद पूरे घटनाक्रम की सूक्ष्मता से जांच हो तो कभी ऐसी दुबारा घटना की पुनरावृत्ति नही होगी साथ ही इस साजिश में यदि कोई राजदार होंगे तो वो भी बेनकाब होंगे,मगर जिस ढंग से एक आईएएस के साथ अचानक घटना हुई और एक महिला सदस्य एवं किसी जाति विशेष के मुद्दे को हाई लाइट किया गया पूरे पूरे घटनाक्रम में सामुहिक बयान के अलावा व्यक्तिगत बयान अलग अलग लिया जाना चाहिए ताकि पूरे मामले में इनसाइड पैक्ट क्या है वो एक्सपोज़ हो साथ ही रूरल सेक्टर में काम हो रहे सरकार की योजनाओं में प्रभाव डालने के कुत्सित प्रयास उजागर हो।
पुलिस, प्रशासन व सरकार के बीच अब शिकायत, सिफारिश,कार्यवाही का चल रहा खेल
पूरे मामले में जिस प्रकार से घटनाक्रम सामने आया है यह पहला ही मौका होगा जब इस घटना को लेकर मुंगेली जिले के पूरे प्रशासनिक अधिकारी एकजुट हो आंदोलन के मूड के साथ बड़ी कार्यवाही के लिए दिख रहे है मगर जिस प्रकार से पूरे मामले को राजनैतिक तूल दिया जा रहा है ऐसा लग रहा है कि पूरे घटनाक्रम पर किसी एक को इधर उधर कर पूरे मामले को ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है।
छोटी छोटी अनर्गल सिफारिश नही दिख रही आईएएस के समक्ष प्रभावी
लंबे समय से एक पूर्णकालिक आईएएस के जिला पंचायत मुंगेली में सीईओ के होने के बाद अनैतिक सिफारिशें प्रभावी नही है जिसके चलते भी माना जा सकता है कि कुछ स्वयंभू नेता लोगो मे एक आईएएस के लिए अच्छी सोंच नही रखी जा रही है। जिसके दुष्परिणाम भी ऐसी घटना हो तो कोई ताज्जुब नही। मगर हाल ही में जो घटना हुई उसमे सीधे एक महिला जिला पंचायत सदस्य अकेले प्रारंभिक रूप से सामने आई उसके बाद बाकी घटनाक्रम बाद में जोड़ते गया।
जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों के शिकायत भी दुभाषिया लग रही
जिला पंचायत परिसर में महिला सदस्य लैला ननकू भिखारी के साथ जो भी हुआ उसका प्रारंभिक वीडियो,सीसीटीवी फुटेज में महिला सदस्य एसपी को बुलाने के बात पर भी बुला लेने के धौंस में दिखी। जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों द्वारा आनन फानन एकजुट हो एसपी ऑफिस पुलिस अधीक्षक से जब मुलाकात की गई तब भी और स्वयं जिला पंचायत की महिला सदस्य ने जातिगत रूप से अपमानित करने की बात कही मगर 24 दिसंबर को जिला पंचायत के जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर महिला जिला पंचायत सदस्य लैला ननकू भिखारी और आईएएस रोहित व्यास के विवाद पर जातिगत टिप्पणी होने का कोई जिक्र ही नही किया गया। जिसकी चर्चा बजी जोरो से हो रही है। एक ओर जिला के एसपी व अजाक थाने में जब जातिगत टिप्पणी की शिकायत की गई तब वही शिकायत मुख्यमंत्री के समक्ष क्यों नही की गई।
बहरहाल पूरा मामला अब आईएएस असोशिएशन, स्वयं सरकार के मुखिया सहित संबंधित मंत्रियों के समक्ष पहुंच गया है। अब देखना यह होगा कि पूरे घटनाक्रम में निष्पक्ष रूप से जांच कर कार्यवाही होती है अथवा किसी एक अधिकारी को आउट ऑफ पिक्चर कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।
