मुंगेली। काफी जद्दोजहद के बीच हाल ही में शासन ने मुंगेली नगर पालिका में निर्वाचित अध्यक्ष के नाली घोटाले में फसने के बाद रिक्त पद के लिए राज्य शासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के अन्तर्गत कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में पार्षद हेमेंद्र गोस्वामी को नियुक्त किया था। चूंकि लोकतांत्रिक व्यवस्था अंतर्गत नए अध्यक्ष का निर्वाचन पार्षदों से मत के आधार पर होना है जिसके लिए राज्य चुनाव आयोग ने जिला निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेज पार्षदों से मताधिकार द्वारा नए अध्यक्ष चुनाव कराने कहा गया है।
चुनाव आयोग के आये फरमान के बाद अब एक तरफ भाजपा चाहेगी की भाजपा समर्थित नगर पालिका अध्यक्ष हो वहीं कांग्रेस के दो तीन प्रमुख दावेदार पुनः सक्रिय हो जाएंगे। बहरहाल नगर पालिका चुनाव उपरांत देखा जाय तो विकास के लिए मुंगेली नगर पालिका में बहुत सी अड़चने आयी और अभी भी पूर्णकालिक अध्यक्ष न होने से फ़ोटो खिंचाने, निरीक्षण करने के अलावा कोई विशेष काम नही हुआ। अब फिर से नए अध्यक्ष के चुनाव के बाद एक बार तीन साल पीछे हुए मुंगेली नगर पालिका में विकास के नाम कुछ काम होने की उम्मीद फिर से जागेगी मगर वह तब जब कांग्रेस समर्थित पार्षदों से नया नगर पालिका अध्यक्ष निर्वाचित हो अन्यथा भाजपा से नए अध्यक्ष निर्वाचित होने पर सत्तारूढ़ दल कांग्रेस की रहने के चलते विकास की उम्मीद करना उचित नहीं। बहरहाल अब एक बार पुनः दोनो प्रमुख राजनैतिक दलों के पार्षद अपनी अपनी दावेदारी को लेकर सक्रिय नजर आएंगे।

