लालपुर सामाजिक कार्यक्रम में कांग्रेस पदाधिकारियों को तबज्जो नही मिलना आयोजकों की है चूक…

• लालपुर कार्यक्रम में अव्यवस्था को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष को मुख्यमंत्री से सुननी पड़ी खरी खोटी

• गुरुघासीदास जयंती समारोह लालपुर में स्वागत सत्कार के लिए पूरी तैयारी समिति ने की
• जिला कांग्रेस अध्यक्ष सागर सिंह बैस बतौर अतिथि ही थे मौजूद
• संगठन पदाधिकारी को स्वागत में न रखना आयोजकों की भूल
खामियाजा भुगतना पड़ा जिला अध्यक्ष सागर सिंह बैस को
• बंधवा कल्याण समिति में ब्लाक अध्यक्ष नरेश पाटले एक ही व्यक्ति है कांग्रेस से बचत कांग्रेस पार्टी से पदाधिकारी नही

मुंगेली। 18 दिसंबर गुरु घासीदास जी का जयंती कार्यक्रम लंबे अरसे से लालपुर में आयोजित होता आ रहा है जिसके आयोजन के लिए बाकायदा सामाजिक समिति भी सक्रिय है। एक इतिहास यह भी रहा है कि अविभाजित मध्यप्रदेश रहा हो या वर्तमान में छत्तीसगढ़ जो भी मुख्यमंत्री होते है गुरुघासीदास जयंती के पहले दिन मुंगेली जिले के लालपुर मेला अनिवार्य रूप से पहुंचते रहे हैं। यहां के कार्यक्रम की पूर्णता रूपरेखा समिति के पदाधिकारियों, सदस्यों द्वारा बनाई जाती है। इसके अलावा अब मुंगेली जिले में ही दूसरा बड़ा मेला मोतिमपुर में अमराटापू नाम से प्रसिद्ध हो रहा है कमोबेश मुख्यमंत्री यहां भी उपस्थित होते है। लेकिन इस बार के लालपुर मेला आयोजन में लोगो की भीड़ की कमी का खामियाजा किसी आयोजन समिति के पदाधिकारी, सदस्यों को नही बल्कि जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष सागर सिंह बैस को मुख्यमंत्री से खरी खोटी सुन झेलनी पड़ी। मुंगेली में यह भी विडंबना देखने को मिलती है जब सत्तारूढ़ दल से सम्बंधित किसी भी कार्यक्रम में यदि कार्यक्रम सफल हुआ तो व्यक्तिगत वाहवाही देखने को मिलती रही है और यदि विपरीत परिस्थितियों में पूरा ठीकरा जिला कांग्रेस अध्यक्ष के सर फूटता है।

लालपुर मेला आयोजन समिति में अधिकांश सदस्य सत्तारूढ़ दल से बाहर के

यह भी माना जा रहा है कि गुरुघासीदास जयंती के मेले आयोजन में लालपुर में आयोजित बंधवा कल्याण समिति है उसके अधिकांश सदस्य भारतीय जनता पार्टी अथवा बसपा से है ब्लाक अध्यक्ष नरेश पाटले जो कि सत्तारूढ़ दल से एक अकेले है जिसके कारण भी सत्तारूढ़ दल का प्रभाव कम ही देखा गया। उसके बावजूद भीड़ की कमी का पूरा खामियाजा जिला कांग्रेस अध्यक्ष सागर सिंह बैस को ही झेलना पड़ा।

देर रात कार्यक्रम पुष्टि भी है अहम कारण

वैसे तो लालपुर और मोतिमपुर अमराटापू मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर दो तीन दिन पूर्व से ही चर्चा हो रही थी मगर 17 दिसंबर देर रात तक किसी भी मुंगेली जिले के जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कन्फर्म कहना मुश्किल था। इसके अलावा नगरीय निकाय के उप चुनाव की व्यस्तता के चलते भी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री का आना अथवा नही आ पाना कहना मुश्किल था। प्रशासनिक रूप से अधिकारी अपनी खबरों में भी 17 दिसंबर तक मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर लिखने से परहेज करते रहे।आनन फानन में रात 10 बजे के बाद प्रोटोकॉल इन्फॉर्मेशन से मुख्यमंत्री के आने की पुष्टि हुई। जिसके कारण भी समारोह में भीड़ का कम होना समझा जा सकता है। ऐसे में यदि सत्तारूढ़ दल के तरफ से जिला कांग्रेस अध्यक्ष को मुख्यमंत्री की खरी खोटी झेलना समझ से परे है क्योंकि कार्यक्रम यदि राजनैतिक भी हो तब भी पूरे पार्टी पदाधिकारियों सहित सभी कार्यकर्ताओं की प्रत्यक्ष,अप्रत्यक्ष भूमिका होती है। और किसी सामाजिक कार्यक्रम में जहां स्वयं जिला कांग्रेस अध्यक्ष बतौर अतिथि उपस्थित हो वहां उनका व्यक्तिगत आक्षेप, आरोप किसी बात को लेकर उचित नहीं कहा जा सकता है।

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