मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्र में लोगो का बुरा हाल

बिलासपुर: मस्तूरी ब्लाक के ग्राम पंचायत लिमतरा में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिविटी नहीं मिलने से ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जो कि जियो का टावर लगा हुआ है उसके बाद भी किसी मोबाइल से कनेक्ट नहीं हो पाते हैं ग्रामीणों को बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी आती है महतारी एक्सप्रेस और एंबुलेंस बुलाने में आती है परेशानी अधिकांश अंचलों में नेट नहीं चलने से ऑनलाइन सेंटर भी नहीं चल पा रहे हैं।

मस्तूरी ब्लाक के कई गांवों में आज भी मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिविटी नहीं मिलने से ग्रामीण परेशान है। सोशल मीडिया और संचार क्रांति के इस दौर में मोबाइल नेटवर्क के अभाव में शासन की ऑनलाइन योजनाओं और सुविधाओं का लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है।

महतारी एक्सप्रेस, 108 एंबुलेंस और 100 डायल की जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को नेटवर्क की तलाश में भटकना पड़ता है। जिओ का टावर और निजी कंपनी का टावर भी आए दिन बंद होने से उपभोक्ता परेशान होते है।


आसपास के गांवों में मोबाइल नेटवर्क चुनौती बना हुआ है। अन्य गांवों में रहने वाले हजारों लोग मोबाइल नेटवर्क नहीं मिलने से परेशान है। आधुनिक युग के दौर में गांव-गांव मोबाइल नेटवर्क पहुंचाने के दावे यहां खोखले साबित हो रहे है।

ग्राम लिमतरा पंचायतों में नेट की सुविधा नहीं होने से ऑनलाइन योजनाओं के लाभ से ग्रामीण वंचित है। ग्रामीणों ने बताया कि दिन के समय अगर किसी को बहुत जरूरी बात करनी हो तो गांव से बाहर तालाब किनारे जाना पड़ता है रात के समय कोई इमरजेंसी होने पर सुबह का इंतजार करना पड़ता है।


सबसे ज्यादा दिक्कत बीमार और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने के लिए महतारी एक्सप्रेस और एंबुलेंस बुलाने में आती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर ऐसे हालात रहे तो डिजीटल इंडिया का सपना कैसे पूरा होगा।

क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि यहां जिओ का टावर लगा हुआ है उसके बाद भी नेटवर्क का प्रॉब्लम रहता है किसी को कॉल करने से कॉल नहीं लग पाता है गांवों में सभी कंपनियों के मोबाइल धारकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कभी नेटवर्क आ जाता है तो कभी बिल्कुल नेटवर्क नहीं मिलता है।

नहीं मिलता ओटीपी मैसेज, हितग्राही व ग्राहक परेशान

केंद्र और राज्य की अनेक योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी से लेकर समर्थन मूल्य पर बेची जाने वाली उपज आदि की जानकारी के लिए मोबाइल पर ओटीपी और मैसेज आते है।

क्षेत्र में नेटवर्क नहीं मिलने से हितग्राहियों और ग्रामीणों को परेशानी होती है। एक ओर जहां सरकार ऑनलाइन प्रक्रिया को बढ़ावा दे रही है वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में मोबाइल और नेटवर्क ही नहीं मिल पा रहा है।

परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन फार्म भरने में परेशानी

विभिन्न परीक्षाओं और योजनाओं की प्रक्रिया ऑनलाइन हो चुकी है। अधिकांश अंचलों में नेट नहीं चलने से एमपी ऑनलाइन सेंटर भी नहीं चल पा रहे हैं। ऐसे में ऑनलाइन बैकिंग, बिजली के बिल जमा करने सहित अन्य जरूरी कार्य नहीं हो पा रहे है।

साथ ही युवाओं को रोजगार के अवसर भी नहीं मिल पा रहे है। कई गांवों में तो मोबाइल का कवरेज मिलना बंद हो जाता है, लोगों को आपात स्थिति में परेशानी होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि इन क्षेत्रों में लगे टावरों की कनेक्टिविटी बढ़ाई जानी चाहिए।

ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगे प्राइवेट कंपनियों के टावरों की कनेक्टिविटी नहीं होने से असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। वहीं इन प्राइवेट कंपनियों के अधिकारी भी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

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