पुलिस स्मृति दिवस में 32 शहीद जवानों को दी गई श्रद्धांजलि, कार्यक्रम के दौरान शहीद के परिजनों के छलके आंसू
रायपुर, नरेंद्र लुनिया। प्रदेश में एक साल के दौरान राज्य में शहीद हुए 32 जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. वही इस दौरान शहीद जवानों के परिजनों ने अपनी भावनाओं व्यक्त करते हुए कार्यक्रम के दौरान शहीदों के परिजनों के आसू छलक पड़े।
21 अक्टूबर 1959 को लद्दाख के हॉट स्प्रिंग में देश की सुरक्षा की प्रथम पंक्ति में तैनात CRPF के एक छोटे से गश्ती दल पर चीनी सेना द्वारा भारी संख्या में घात लगाकर हमला किया गया था।
इस लड़ाई में 10 CRPF के रणबांकुरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया था।जिसको लेकर हर साल यह प्रोग्राम मनाया जाता है यह पूरा कार्यक्रम गृहमंत्री की अध्यक्षता में और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
वही मीडिया से बातचीत करते हुए राज्यपाल अनसुईया उइके ने कहा की ऐसे वीर सपूतों के जन्म के लिए मैं उनके माता-पिता को प्रणाम करती हूँ। पुलिस का वाक्य है।
परित्राणाय साधुनाम आप लोगों ने सचमुच गीता के वाक्य को साबित कर दिखाया है। हम सब अपने-अपने घर पर सुरक्षित रहते हैं। क्योंकि रात दिन पुलिस तैनात रहती हैं। कोरोना वायरस के दौरान आप लोग हर मोर्चे पर तैनात रहे हैं। इस बीच कई जवान कोरोना वायरस संक्रमित होकर अपने प्राणों की आहुति भी दे दी. परंतु उनका हौसला नहीं टूटा और वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते रहे। पुलिस का काम अधिक जिम्मेदारी का काम है।
समाज में व्यवस्था बनी रहे और नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े इसीलिए पुलिस हर वक्त तैनात रहती है।
पुलिस के प्रति मानवीय दृष्टिकोण रखें उनसे परिवार के एक सदस्य के भांति व्यवहार करें, उन्हें सम्मान दें। आप के दो मीठे बोल उनके व्यवहार में कितना परिवर्तन लाएंगे यह सब व्यवहार उनकी सारी थकान को देगी और आपके प्रति अच्छा व्यवहार कर अपनी ड्यूटी दोगुनी गति से दूर कर करेंगे।
पुलिस विभाग से आग्रह है पुलिस जवानों के प्रति तमाम ऐसे कार्यक्रम आयोजित करें सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करें जहां उनकी थकान और तनाव खत्म हो सकें।
बता दे की राजधानी रायपुर के माना स्थित पुलिस परेड ग्राउंड में पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को आयोजित किया गया था।
