नैनीताल फंसे छत्तीसगढ़ के 55 लोग की दुर्ग कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे द्वारा त्वरित राहत दिलाने किया सार्थक प्रयास
भिलाई शहर के 55 लोग इस महीने की 14 तारीख को नैनीताल घूमने गए थे। इनमें 44 महिलाएं और चार बच्चे भी शामिल हैं।
उत्तराखंड में हो रही भारी बारिश के कारण छत्तीसगढ़ के 55 नागरिक नैनीताल जिले में फंस गए। राज्य सरकार ने नागरिकों की सकुशल वापसी का प्रयास शुरू कर दिया है। जैसे ही इस आपदा की जानकारी छत्तीसगढ़ के दुर्ग कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भूरे को मिली उन्होंने अपने स्तर से हरसंभव मदद के लिए प्रयास कर सभी फंसे लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थान में आ जाने के लिए प्रयास किया गया इसके लिए वे नैनीताल जिला प्रशासन के सतत संपर्क में रहे। कलेक्टर दुर्ग के त्वरित रूप से 55 लोगो को मदद की गई जिसकी प्रदेश कांग्रेस सचिव हेमेंद्र गोस्वामी ने सराहना करते हुए उन्होंने बधाई दी। साथ ही हेमेंद्र गोस्वामी ने बताया कि कोरोना के भयंकर चपेट में आये छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के समय भी जिस तत्परता से कलेक्टर डा. नरेन्द्र भूरे ने विकट स्थिति में काम किया था उस समय भी उनके कुशल मार्गदर्शन से कोरोना संकट समाप्त होने में काफी मदद मिली थी। निश्चित रूप से ऐसे समय मे जिला प्रशासन का तत्परता से आमजनमानस के लिए आगे आकर राहत देना सराहनीय है।
राज्य के दुर्ग जिले के डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने बताया कि जिले के भिलाई शहर के 55 लोग इस महीने की 14 तारीख को नैनीताल घूमने गए थे। इस दौरान वहां भारी बारिश और भूस्खलन के कारण सभी लोग फंस गए हैं। इनमें 44 महिलाएं और चार बच्चे भी शामिल हैं।
डॉ. सर्वेश्वर नरेंद्र भूरे ने बताया कि नैनीताल के स्थानीय प्रशासन से संपर्क करने पर जानकारी मिली है कि छत्तीसगढ़ के नागरिकों को कैचीधाम में एक स्कूल में ठहराया गया है तथा उनके लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। राज्य के जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उत्तराखंड में फंसे भिलाई के निवासियों की सकुशल वापसी के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने मुख्य सचिव और कलेक्टर दुर्ग को हर संभव प्रयास करने का निर्देश दिया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि राज्य के निवासियों की उत्तराखंड में भारी बारिश में फंसे होने की जानकारी मिली है। उन्होंने इस संबंध में मुख्य सचिव और दुर्ग जिलाधिकारी को निर्देश दिया है वह यात्रियों की सुरक्षित वापसी के लिए उत्तराखंड प्रशासन के सम्पर्क में रहें।
दुर्ग के लोगों को सुरक्षित लाने के लिए मिशन राहत
इधर दुर्ग कलेक्टर ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर कलेक्टर ने नैनीताल जिला प्रशासन के अधिकारियों से संपर्क कर वस्तु स्थिति की जानकारी ली। जिसके मुताबिक डोगरा बटालियन की मदद से रेस्क्यू कर फंसे हुए यात्रियों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया गया। अपर कलेक्टर दुर्ग नूपुर राशि पन्ना ने बताया कि प्रशासन लगातार नैनीताल जिला प्रशासन के संपर्क में है। सभी यात्रियों को जरूरी सुविधाएं प्रदान की गई हैं। गुरुवार सुबह सभी यात्री छत्तीसगढ़ के लिए रवाना हो जाएंगे। यात्रियों ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रति विशेष रूप से आभार जताया है।
संदेश मिलते ही 30 मिनट में पहुंची डोगरा बटालियन की टीम
उल्लेखनीय है कि नैनीताल जिले में लगातार बारिश के कारण कई भूस्खलन और सड़कें अवरुद्ध हो गई थी। नैनीताल जिला प्रशासन से नैनीताल ने फंसे हुए नागरिकों को बचाने के लिए तुरंत सैन्य हस्तक्षेप का अनुरोध किया। गरमपानी खैरना क्षेत्र के पास स्थिति बहुत गंभीर है। बारिश व भूस्खलन की वजह से घाटी प्रभावित है शिप्रा नदी के अत्यधिक प्रवाह से इमारतें संकट में हैं।
परिस्थिति के गंभीर होने पर प्रशासन द्वारा भारतीय सेना की रानीखेत स्थित 14 डोगरा बटालियन को राहत के लिए निवेदन किया गया। कलेक्टर नैनीताल धीराज सिंह गरबियाल द्वारा मदद के लिए डोगरा बटालियन को संदेश भेजा गया। संदेश मिलने के 30 मिनट के अंतर्गत जवान डोगरा बटालियन की रेस्क्यू टुकड़ी रानीखेत से खैरना की ओर रवाना हो गई। कम समय होने के बावजूद सेना अपने साथ बचाव से संबंधित सभी उपकरण और फंसे हुए लोगों के लिए फूड पैकेट साथ लेकर पहुंची।

