बिलासपुर:कोरोना के दौर में जहाँ स्कूल कॉलेज सभी बंद थे। सब के मन मस्तिष्क में कोरोना के दूसरे लहर का खौफ फिर से लौट आया था सभी अभिभावक अपने बच्चों को सुरक्षित रखने घर से बाहर नही निकल ने दे रहे थे।
इन सभी परिस्थितियों में प्रतियोगिता परीक्षा व अन्य परीक्षा का आयोजन होना बहुत ही भयावह था। औऱ इन सब से भयावह परिस्थिति दिव्यांगजनो के लिए था क्योकि जिनका एग्जाम था वे सभी परिस्थितियों का सामना करते हुए एग्जाम देने गए लेकिन दिव्यांग जनो के लिए सहलेखक मिलना बहुत मुश्किल हो रहा था क्योकि कोई भी अभिभावक अपने बच्चों को भेजने के लिए तैयार नही थे।


हर मुश्किल परिस्थितियों में संस्था के साथ खड़े होने वाले ड्रीम लैंड स्कूल सरकंडा बिलासपुर की संचालिका श्रीमती निवेदिता सरकार जी ने अपने स्कूल के बच्चों को तैयार किया और इन दिव्यांगजनो के लिए सहलेखक उपलब्ध कराया जिसमें राइटर के तौर पर सौम्या पांडेय , लीला मिंज, रिमझिम अग्रवाल,मानसी पाठक,अन्वेषा पाठक, अनुकृति शर्मा का सहयोग रहा ।जो क़ाबिले तारीफ हैं।
साथ ही अंशु टैक्सी के संचालक श्री अनुराग तिवारी जी के प्रयासों से दिव्यांग बहन का पेपर छूटने से बच गया। दरअसल बात ये है कि 23 जनवरी 2022 को महिला बाल विकास के पदों पर भर्ती हेतु व्यापमं द्वारा परीक्षा आयोजित की गई थी। एक दिव्यांग बहन का बिलासपुर शहर से लगभग 40 किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र था जिसके लिए अनुराग जी सहलेखक लेकर जा रहे थे लेकिन रास्ते मे ट्रैफिक जाम हो जाने के कारण उन्हें ये एहसास हुआ कि वो सही समय मे परीक्षा केंद्र नही पहुँच पाएंगे। जिसके बाद उन्होंने अपने संपर्क से बहुत मुश्किल में तत्काल राइटर की व्यवस्था की औऱ दिव्यांग बहन का परीक्षा सफल बनाया।
संस्था की वरिष्ठ सदस्य श्रीमती रेनु गौतम जी दिव्यांगजनो के मदद के लिए सदैव तत्पर रहती है इनके बदौलत कई सहलेखको व दिव्यांगजनो को परीक्षा केंद्र तक आने ले जाने की व्यवस्था की गई थी।