रायपुर। केंद्र सरकार की पीएम आवास योजना के वर्ष 2020-21 के लिए केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के 8 लाख गरीबों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा था। लेकिन, राज्य सरकार ने मात्र 1.20 लाख आवास बनाने का निर्णय लिया है। इस पर पंचायत मंत्री टीएस सिंहदेव ने प्रदेश सरकार का पक्ष रखा है। सिंहदेव ने मीडिया के सवालों के जबाब में बताया कि केंद्र सरकार ने इस वर्ष का आबंटन रद्द कर दिया है। इस बात को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार अपना 40 प्रतिशत हिस्सा नहीं जुटा पाई है।
सिंहदेव ने कहा कि केंद्र ने राज्य सरकार पर जीएसटी का 14 प्रतिशत अशोध इनकम जो हर साल बढ़ेगा उसको घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया। मंत्री ने कहा, राज्य सरकार ने कमिटमेंट किया होगा कि लोन लेकर काम करना है, क्योंकि आवास में बजट से पैसे नहीं, सीधे लोन लेकर पैसे लगना था। इसमें 10 हजार करोड़ रुपए लगेंगे। जिसमें 8 लाख निवास बनने थे अर्थात 4 हजार करोड़ रुपए राज्य सरकार से लगेंगे।
पेट्रोल,डीजल की कीमत कम करने में 1 हजार करोड़ का नुकसान
सिंहदेव ने कहा कि 1 हजार करोड़ का इनकम का नुकसान पेट्रोल,डीजल कम करने में हो गया है। तो इस परिस्थितियों में राज्य सरकार के सामने इस साल और अतिरिक्त लोन लेने की दिक्कत हो सकती है। इस कारण से राशि उपलब्ध नहीं हो पा रही थी। हम चाहेंगे कि अगले वर्ष जो कोटा मिलेगा उसको पूरा करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने साफ किया कि 8 लाख आवास निरस्त नहीं हुए हैं, इस साल नहीं बन रहे हैं, आगे इसको हम 2022.23 में लेंगे और पूरा करेंगे।