नाली घोटाला: नपा अध्यक्ष संतुलाल को सुप्रीम कोर्ट से फिर मिली दो सप्ताह की राहत,ठेकेदार के पिता नगर पालिका के खाते में वापस जमा कर दिये 13 लाख रूपये

दो सप्ताह के भीतर मुंगेली कोर्ट में सरेंडर कर करना होगा बेल आवेदन

नाली मामले में अध्यक्ष को मिली राहत अन्य 5 चल रहे फरार

मुंगेली। नगर पालिका के बहुचर्चित नाली घोटाला में फरार चल रहे छह आरोपियों में से अध्यक्ष सोनकर को सुप्रीम कोर्ट से 20 अक्टूबर को एक सप्ताह की राहत मिली थी अब एक सप्ताह पूरा होने के आखरी दिन पुलिस खोज ही रही थी कि उन्हें फिर से दो सप्ताह की राहत मिल गयी है अब अध्यक्ष संतूलाल सोनकर को दो सप्ताह में सरेंडर कर मुंगेली न्यायालय में बैल आवेदन देना होगा । इसी बीच अब भी कांग्रेसी दावा कर रहे हैं कि एक दो में शासन से अध्यक्ष को बर्खास्त किया जायेगा।

मुंगेली नाली घोटाला में 13 लाख 21 हजार आठ सौ अठारह रूप्ये बिना काम हुए निकालकर बंदरबांट के मामले में अध्यक्ष तत्कालीन सीएमओ विकास पाटले सहित छह पर विभिन्न धाराओं के तहत 25 जुलाई को अपराध दर्ज हुआ था सभी आरोपी फरार ही चल रहे हैं अध्यक्ष ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी लगायी थी जहां उन्हें 20 अक्टूबर को बेल तो नहीं मिली पर एक सप्ताह की राहत मिल गयी थी जिससे वे मंत्रालय में 21 अक्टूबर को पहुंचकर अपना पक्ष रख सके थे इस बीच में नगर पालिका कार्यालय भी पहुंचकर उपस्थित होने सूचना दी थी उनकी एक सप्ताह की राहत अवधि 27 अक्टूबर को खत्म होने पर पुलिस फिर से उन्हें खोजना शुरू कर ही रही थी कि बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से फिर से उन्हें उसी शर्तों में दो सप्ताह की राहत दी गयी है जिसमें कहा गया है कि दो सप्ताह के भीतर वे मुंगेली कोर्ट में ही सरेंडर कर बेल आवेदन करेंगे जिससे अब अध्यक्ष सोनकर को दो सप्ताह का फिर से समय मिल गया है इसी बीच राज्य सरकार के उनकी बखस्तिगी का दावा अभी भी कांग्रेसी कर ही रहे हैं।

छह आरोपियों में से एक वसीम खान सोफिया कंस्ट्रक्शन के संचालक भी है जिनके खाते में 1321818 रूपये बिना नाली निर्माण के गये थे वो भी तीन माह से फरार चल रहे हैं 25 अक्टूबर को उनके पिता शाहनवाज खान ने नगर पालिका मुंगेली के एसबीआई के एकाउंट 10950607189 में 13 लाख इक्कीस हजार आठ सौ अठारह रूपये जमा कर दिये साथ ही नगर पालिका में स्पीड पोस्ट से एक पत्र भेजा है जिसमें लिखा है कि उसके पुत्र के खाते में आये पैसे उसने सुरक्षा निधि के रूप में नगर पालिका के खाते में जमा कर दिये है मामला न्यायालय में विचाराधीन है साथ ही शपथ पत्र, चेक की कापी रसीद आदि भी भेजी गयी है बताया जाता है कि आरोपियों द्वारा अपने बचाव के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है नगर पालिका के नाली के लिए बिना काम हुए निकाले गये पैसे वापस जमा करना भी उसी प्रयास का हिस्सा बताया जा रहा है।

क्या पैसे वापस करने से हो जायेगा अपराध माफ

मामला दर्ज होने के बाद तीन माह तक फरार रहने के बाद आरोपी ठेकेदार वसीम खान के पिता द्वारा अचानक नगर पालिका के खाते में पैसे वापस जमा किया जाना क्या नियमपूर्ण है क्या पैसे वापस जमा करने से आरोपियों का अपराध माफ हो जायेगा एैसी चर्चा का बाजार गर्म रहा साथ एक सवाल ये है कि क्या नगर पालिका के शासकीय खातें में कोई भी बिना अनुमति पैसे डाल सकता हैं

अध्यक्ष पद के दावेदारों की उम्मीदों को लगा झटका

अध्यक्ष सोनकर के फरार होने की स्थिति में एवं उनके पद से हटने की उम्मीद में भाजपा एवं कांग्रेस दोनो पार्टी में कई अध्यक्ष बनने के दावेदार सक्रिय हो गये थे। कुछ दावेदारों ने तो अच्छे खासे संसाधन भी खर्च कर लिये थे जिससे पार्षद उनके पक्ष में रहे परंतु अब अध्यक्ष को राहत मिलने एवं शासन से किसी तरह की बखांस्तगी नहीं हो पाने या लेट होने से अध्यक्ष के दावेदारों को झटका लगा है

“नगर पालिका के खाते में ठेकेदार के पिता शाहनवाज खान द्वारा पैसे डाले गये है साथ ही स्पीड पोस्ट से एक पत्र भी मिला है उच्चाधिकारियों को इसकी जानकारी दी गयी हैं निर्देश मिलने पर आगे की कार्यवाही की जायेगी”।

रजनी भगत,डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी मुख्य नगर पालिका अधिकारी

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